शिक्षा विभाग के कड़े रुख में आई बड़ी नरमी, गर्मी छुट्टी में ट्रेनिंग न करने पर भी नहीं गिरेंगी गाज

Published by : Purushottam Kumar Updated At : 02 Jun 2026 11:55 AM

विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

Samastipur News: बिहार राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक सज्जन आर. का बड़ा फैसला. गर्मी छुट्टी में ट्रेनिंग न करने वाले शिक्षकों पर नहीं होगी कार्रवाई, करने वालों को मिलेगा क्षतिपूर्ति अवकाश. जानिए खबर विस्तार से…

विज्ञापन

Samastipur News: राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), बिहार ने ग्रीष्मावकाश के दौरान आवासीय प्रशिक्षण को लेकर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद शिक्षकों के हक में एक बेहद बड़ा और राहतकारी फैसला लिया है. परिषद के निदेशक सज्जन आर. द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में किन्हीं भी कारणों से अनिवार्य ट्रेनिंग से वंचित रह गए शिक्षकों को विभाग ने एक और सुनहरा मौका देने का ऐलान किया है. ऐसे सभी छूटे हुए शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) में प्राथमिकता (प्रायोरिटी) के आधार पर ट्रेनिंग पूरी करने का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे समस्तीपुर सहित पूरे चंपारण-मिथिलांचल के शिक्षक समाज ने बड़ी राहत की सांस ली है.

ट्रेनिंग करने वालों को मिलेगा एक्स्ट्रा लीव

शिक्षा विभाग ने जून महीने की तपिश और ग्रीष्मावकाश की पूर्व योजनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार शिक्षकों के प्रति बेहद लचीला और व्यावहारिक रुख अपनाया है. विदित हो कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में 1 जून से 20 जून 2026 तक गर्मी की छुट्टियां प्रभावी हैं. परिषद ने अपने पत्र में पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि जो शिक्षक पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के तहत अपने परिवार के साथ मुख्यालय या राज्य से बाहर जा रहे हैं, यदि वे इस दौरान मौजूदा प्रशिक्षण सत्र में भाग नहीं ले पाते हैं, तो उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या दफ्तरशाही विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसके विपरीत, जो शिक्षक अपनी छुट्टियां छोड़कर इस अवधि में पांच दिवसीय आवासीय ट्रेनिंग को पूरा करेंगे, उन्हें बदले में ‘क्षतिपूर्ति अवकाश’ (Compensatory Leave) का लाभ दिया जाएगा. शिक्षक इस अतिरिक्त अवकाश का उपभोग आगामी 31 दिसंबर 2026 तक अपनी सुविधानुसार कभी भी कर सकेंगे.

इन कारणों से ट्रेनिंग से वंचित रहने वाले को मिलेगी प्राथमिकता

परिषद द्वारा जारी मार्गदर्शिका के अनुसार, नए सत्र के विशेष प्रशिक्षण शिविरों में उन शिक्षकों को पहले स्लॉट में जगह दी जाएगी जो बीते सत्र में निम्नलिखित जायज कारणों से शामिल नहीं हो सके थे:

  • चुनावी व अन्य ड्यूटी: जो शिक्षक पूर्व में ‘एसआईआर’ (SIR) के विभागीय कार्यों अथवा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की प्रशासनिक ड्यूटी में व्यस्त थे.
  • स्वास्थ्य व अवकाश: जो शिक्षक गंभीर खराब स्वास्थ्य (चिकित्सकीय अवकाश) या अन्य किन्हीं स्वीकृत अनिवार्य अवकाशों पर होने के कारण समय पर ट्रेनिंग सेंटर नहीं पहुंच सके थे.

मॉडल और पीएम श्री स्कूलों के सफल संचालन के लिए ट्रेनिंग बेहद जरूरी

विभाग ने साफ किया है कि यह पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में नए सिरे से विकसित किए जा रहे ‘मॉडल स्कूल’ और ‘पीएम श्री’ (PM SHRI) विद्यालयों के बेहतर और आधुनिक संचालन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है. गर्मी की छुट्टियों के ठीक बाद इन विशेष स्कूलों में पूरी क्षमता के साथ हाई-टेक शिक्षण कार्य शुरू किया जाना तय हुआ है, जिसके लिए चयनित शिक्षकों का पूरी तरह से अपडेटेड और प्रशिक्षित होना अनिवार्य है. इसी को देखते हुए परिषद ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को छूटे हुए शिक्षकों की सूची तैयार कर नए सत्र की तैयारियां समय से पूरी करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया है.

समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट

विज्ञापन
Purushottam Kumar

लेखक के बारे में

By Purushottam Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन