समस्तीपुर: महीनों से अटका आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय, जल्द समाधान का भरोसा

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प्रतीकात्मक फोटो

Samastipur News: सिंघिया प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने से परेशान हैं. आर्थिक संकट के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. सीडीपीओ ने आवंटन और तकनीकी कारण बताते हुए जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है. पढे़ं पूरी खबर…

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Samastipur News: सिंघिया प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को पिछले कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. बच्चों और गर्भवती महिलाओं की देखभाल करने वाली ये कर्मी अब खुद वित्तीय परेशानियों से जूझ रही हैं. मानदेय भुगतान में हो रही देरी से उनके परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है.

कई महीनों से नहीं मिला मानदेय

सेविकाओं का कहना है कि किसी को पिछले वर्ष नवंबर से तो किसी को इस साल जनवरी से मानदेय नहीं मिला है. लगातार भुगतान रुके रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और इलाज जैसी जरूरी जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है. कई सेविकाओं ने बताया कि अब स्थानीय दुकानदार भी उधार देने से बच रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है.

काम जारी, लेकिन भुगतान का इंतजार

आंगनबाड़ी कर्मियों का कहना है कि वे नियमित रूप से केंद्र खोल रही हैं और विभाग की ओर से सौंपे गए सभी कार्य पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रही हैं. इसके बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलना उनके मनोबल को प्रभावित कर रहा है. सेविकाओं का आरोप है कि भुगतान में लगातार हो रही देरी से विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.

सीडीपीओ ने जल्द भुगतान का दिया भरोसा

इस मामले में प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) मधु प्रिया ने बताया कि मानदेय रोकने की कोई मंशा नहीं है. आवंटन में देरी और कुछ तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन किया जा रहा है और जल्द ही बकाया राशि सीधे सेविकाओं के बैंक खातों में भेज दी जाएगी.

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अनिकेत कुमार

लेखक के बारे में

By अनिकेत कुमार

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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