जंगली पशुओं से फसल बरबाद होने पर मिलेगा मुआवजा

Published at :28 Mar 2015 10:47 AM (IST)
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जंगली पशुओं से फसल बरबाद होने पर मिलेगा मुआवजा

समस्तीपुर : जंगली जानवरों से फसल की बरबादी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है़ अब फसल की बरबादी होने पर किसानों को उसका मुआवजा भी दिया जायेगा़ इतना ही नहीं फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली नीलगायों से भी मुक्ति दिलायी जायेगी. नीलगायों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण करने […]

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समस्तीपुर : जंगली जानवरों से फसल की बरबादी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है़ अब फसल की बरबादी होने पर किसानों को उसका मुआवजा भी दिया जायेगा़ इतना ही नहीं फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली नीलगायों से भी मुक्ति दिलायी जायेगी. नीलगायों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण करने के लिए वन्य एवं पर्यावरण विभाग ने जिलाधिकारी एवं अनुमंडल अधिकारी को कई अत्यावश्यक दिशा निर्देश दिये हैं.
ग्रामीण इलाकों में जंगली पशुओं एवं नीलगायों के वजह से किसान काफी परेशान हैं. जंगली जानवरों द्वारा किसानों की लगी फसलों को बरबाद कर दिया जाता है़ इसको लेकर किसान बार-बार सरकार से गुहार लगाते रहते है़ं इसको लेकर राज्य सरकार के वन्य एवं पर्यावरण विभाग ने जंगली जानवरों से हुई फसल की बरबादी पर किसानों को मुआवजा प्रदान करने का आदेश जिला प्रशासन को दिया है़
वन एवं पर्यावरण विभाग के सचिव ने जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि वन्य पशुओं द्वारा खड़ी फसल को बरबाद करने पर किसानों को वन विभाग मुआवजा देगा़ जंगली जानवरों द्वारा लगी फसल को बरबाद करने पर वन विभाग किसानों को मुआवजा देगा़ इसके लिए किसानों को आवेदन देना होगा़ आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के अन्दर अंचल अधिकारी या अंचल निरीक्षक उसकी जांच करेंगे और सत्यापन प्रतिवेदन वन प्रमंडल अधिकारी को देंग़े सत्यापन प्रतिवेदन मिलने के बाद 15 दिनों के अन्दर वन प्रमंडल अधिकारी किसानों को मुआवजा का भुगतान करेंग़े किसानों की खड़ी फसल बरबाद करने वाले जंगली जानवरों से मुक्ति दिलाने के लिए राज्य सरकार व वन विभाग ने नयी योजना बनायी है़
बताया जाता है कि सबसे अधिक फसलों की बरबादी नीलगायों द्वारा की जाती है़ इसको लेकर वन विभाग ने जिला प्रशासन से कहा है कि जो नीलगाय किसानों की खड़ी फसलों के लिए ज्यादा खतरनाक बन चुके हैं, उनको मारने के लिए आखेटक को आदेश देने की शक्ति जिलाधिकारी एवं अनुमंडल अधिकारियों को दी गयी है़ खड़ी फसल को बरबाद करने वाली नीलगायों को अगर आखेटक द्वारा मारा जाता है तो उसका अगिA संस्कार भी कराया जायेगा़ अगिA संस्कार कराना अतिआवश्यक बनाया गया है.
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