गैस सिलेंडर से खेत-खलिहान तक आग लगी तो क्या करें? सोनवर्षाराज में अग्निशमन टीम ने ग्रामीणों को सिखाए जीवन रक्षक तरीके

Updated:
विज्ञापन

मॉक ड्रिल करते विभागीय कर्मी. | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

सोनवर्षाराज में अग्निशमन विभाग ने ग्रामीणों को आग से बचाव के तरीके सिखाने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की. इस दौरान गैस सिलेंडर, बिजली, मकान व खेत-खलिहान में आग लगने पर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई. प्राथमिक बचाव के साथ अग्निशमन सेवा को सूचित करने की सलाह दी गई.

विज्ञापन

Saharsa News: सहरसा जिले के सोनवर्षाराज प्रखंड अंतर्गत सरौनी पंचायत के क्षिटकिया गांव में सोमवार का दिन आम दिनों से काफी अलग रहा. गांव की चौपाल पर जब लाल गाड़ियों और अग्निशमन यंत्रों के साथ दमकल विभाग की टीम पहुंची, तो ग्रामीणों की उत्सुकता देखते ही बन रही थी. अग्निशमन विभाग द्वारा आयोजित विशेष मॉक ड्रिल के दौरान जब अधिकारियों ने अचानक उठती लपटों को बुझाने के लाइव तरीके दिखाए, तो हर कोई हैरान रह गया. इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में अक्सर होने वाले अग्नि हादसों को रोकना और ग्रामीणों को पहली प्रतिक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार करना था.

विज्ञापन

रसोई से लेकर खेत-खलिहान तक सुरक्षा का अनोखा पाठ

ग्रामीण इलाकों में अक्सर देखा जाता है कि गैस सिलेंडर रिसाव, शॉर्ट सर्किट, फूस के मकानों में चिंगारी या फिर खेत-खलिहान में रखी सूखी फसलों में आग लगने से भारी तबाही मच जाती है. इसी मानवीय और व्यावहारिक पहलू को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन कर्मियों ने ग्रामीणों को एक-एक बिंदु पर विस्तार से जानकारी दी. कर्मियों ने बताया कि खाना बनाते समय थोड़ी सी लापरवाही पूरे घर को नुकसान पहुंचा सकती है. महिलाओं को खास तौर पर सावधान किया गया कि रसोई में ढीले-ढाले कपड़े पहनकर काम न करें और गैस इस्तेमाल के बाद रेगुलेटर बंद करना न भूलें.

घबराने के बजाय अपनाएं ये आसान उपाय, घर में रखें प्राथमिक तैयारी

मॉक ड्रिल के दौरान विभाग के अधिकारियों ने समझाया कि आग लगने की सूरत में सबसे बड़ा दुश्मन इंसान का डर होता है. आग लगते ही हड़बड़ी में भागने या चीखने-चिल्लाने के बजाय अगर संयम से काम लिया जाए, तो बड़े से बड़े हादसे को टाला जा सकता है. कर्मियों ने बताया कि हर घर में पानी से भरी बाल्टी और सूती बोरा या कंबल हमेशा तैयार रहना चाहिए. अगर सिलेंडर में आग लग जाए तो गीले कंबल या बोरे से ढककर ऑक्सीजन की सप्लाई काट देना सबसे कारगर उपाय है. इसके साथ ही बिजली के उपकरणों में आग लगने पर पानी डालने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए.

पंपलेट वितरण से जन-जन तक पहुंचा जागरूकता का संदेश

केवल मौखिक जानकारी ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों को आग से सुरक्षा के नियम याद रहें, इसके लिए अग्निशमन विभाग की ओर से रंगीन पंपलेट और सूचना पत्रक भी बांटे गए. इन पर्चों में आपातकालीन नंबरों के साथ-साथ क्या करें और क्या न करें की सचित्र सूची दी गई थी. इस पहल का स्थानीय जनजीवन पर गहरा असर देखने को मिला. ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि पहले वे आग लगने की स्थिति में सिर्फ पानी फेंकने के बारे में सोचते थे, लेकिन इस मॉक ड्रिल ने उन्हें वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके सिखा दिए हैं.

Saharsa News: विभागीय टीम की मुस्तैदी और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई का संकल्प

अग्निशमन विभाग ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही दमकल गाड़ियां बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचेंगी. हालांकि, विभागीय सहायता पहुंचने से पहले के 10-15 मिनट बेहद संवेदनशील होते हैं, इसलिए स्थानीय लोगों की सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है. इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल कार्यक्रम के दौरान विभागीय टीम से भैरव कुमार, अनमोल कुमार, अंजली कुमारी, रीता कुमारी, सनो कुमारी और संकेत कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे. टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों के सवालों के जवाब दिए और आगे भी ऐसे जागरूकता अभियान जारी रखने का आश्वासन दिया.

Also Read: जमुई वायरल वीडियो पर उमेश कुशवाहा बोले- दोषी कितने भी बड़े हों, पुलिस के कब्जे में आएंगे, मंत्री सुनील कुमार ने कही ये बात

Also Read: बिहार में करम पूजा के दौरान हादसा : पोखर में नहाने गये 6 बच्चों की डूबकर मौत, एक को बचाने में सभी डूबे

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन