मसालों की महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट

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मसालों की महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट

बाजार में मसाला बेचते दुकानदार

Saharsa news: गृहिणियों का कहना है कि महंगाई के कारण अब मसालों का उपयोग सीमित करना पड़ रहा है. इससे खाने का स्वाद भी प्रभावित हो रहा है. पहले जहां लोग खुलकर मसालों का इस्तेमाल करते थे, वहीं अब खर्च कम करने के लिए कटौती करनी पड़ रही है.

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सहरसा में एक महीने में 20 से 50 फीसदी तक बढ़े दाम

सहरसा से विनय कसौधन की रिपोर्ट:

Saharsa news: सहरसा में रसोई का स्वाद बढ़ाने वाले मसालों की बढ़ती कीमत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. पिछले एक महीने में मसालों के दाम में 20 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है. इसका असर खासकर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के बजट पर पड़ रहा है.

गृहिणियों का कहना है कि महंगाई के कारण अब मसालों का उपयोग सीमित करना पड़ रहा है. इससे खाने का स्वाद भी प्रभावित हो रहा है. पहले जहां लोग खुलकर मसालों का इस्तेमाल करते थे, वहीं अब खर्च कम करने के लिए कटौती करनी पड़ रही है.

बाजार में धनिया, मिर्च, हल्दी, जीरा और लहसुन समेत लगभग सभी मसालों की कीमतों में तेजी आयी है. एक महीने पहले 100 रुपये किलो बिकने वाला धनिया अब 180 रुपये किलो तक पहुंच गया है. सूखी मिर्च 200 से बढ़कर 300 रुपये किलो, हल्दी 180 से 250 रुपये किलो और जीरा 220 से बढ़कर 300 रुपये किलो बिक रहा है. वहीं लहसुन की कीमत 50 रुपये से बढ़कर 150 रुपये किलो हो गयी है.

सब्जी मंडी के मसाला व्यवसायी राम कृष्ण साह ने बताया कि थोक बाजार में कीमत बढ़ने का असर खुदरा बाजार पर भी पड़ा है. उन्होंने कहा कि कई राज्यों में खराब मौसम और कम उत्पादन के कारण मसालों की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसके अलावा परिवहन और भंडारण लागत बढ़ने से भी कीमतों में उछाल आया है.

महंगाई का असर होटल और छोटे ढाबा संचालकों पर भी दिख रहा है. होटल व्यवसायियों का कहना है कि मसालों की कीमत बढ़ने से लागत बढ़ गयी है. हालांकि ग्राहक कम होने के डर से फिलहाल खाने के दाम नहीं बढ़ाये गये हैं.

गृहिणी रीना देवी ने बताया कि पहले महीने भर का मसाला एक साथ खरीद लिया जाता था, लेकिन अब आधा किलो मसाला खरीदने से पहले भी सोचना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि दाल, तेल और सब्जियों के बाद अब मसालों की महंगाई ने रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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