स्मैक के बकाया रुपयों के विवाद में जिगरी दोस्त बना कातिल! सहरसा के अभिजीत हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
फोटो - सहरसा - पुलिस गिरफ्त में आरोपी | Prabhat Khabar Network
सहरसा में 22 वर्षीय अभिजीत सिंह राजपूत की सनसनीखेज हत्या का खुलासा पुलिस ने 24 घंटे में कर दिया है. यह हत्या दोस्ती और नशे के काले कारोबार का भयावह चेहरा दिखाती है. जिस दोस्त के साथ अभिजीत ने पार्टी की, उसी ने उसकी जान ली.
Saharsa Murder Case: सहरसा शहर के बाबाजी चौक के समीप 18 सितंबर को हुई 22 वर्षीय अभिजीत सिंह राजपूत की सनसनीखेज हत्या के मामले की गुत्थी को सहरसा पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है. पुलिस तफ्तीश में जो सच निकलकर सामने आया है, उसने दोस्ती और नशे के काले कारोबार के खौफनाक चेहरे को उजागर कर दिया है. जिस दोस्त के साथ मृतक ने एक रात पहले पार्टी की और साथ बैठकर नशा किया, उसी दोस्त ने विवाद बढ़ने पर उसकी ही पिस्तौल छीनकर उसकी जान ले ली. शनिवार को सदर थाना में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान सदर एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने इस हत्याकांड का विस्तृत खुलासा किया.
जन्मदिन की पार्टी से शुरू हुई कहानी, विश्वकर्मा पूजा पर चमकाई गईं 4 पिस्तौलें
पुलिस जांच में सामने आई परत-दर-परत कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है. मृतक अभिजीत सिंह राजपूत और गिरफ्तार आरोपी आर्यन कुमार सिंह आपस में घनिष्ठ मित्र थे. 16 सितंबर की रात दोनों दोस्त एक जन्मदिन समारोह से लौटे और अभिजीत के घर पर ही रुके. इसी दौरान आर्यन ने अपने एक अन्य साथी मोहित पाठक को भी वहां बुला लिया. 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर तीनों दोस्तों ने अपने-अपने अवैध हथियारों की सफाई की और पूजा अर्चना की. पुलिस के अनुसार, उस वक्त कमरे में चार पिस्तौलें मौजूद थीं. इसके बाद तीनों ने मिलकर स्मैक का नशा किया.
स्मैक के पैसों पर शुरू हुई तू-तू मैं-मैं, फिर अभिजीत ने चलाई पहली गोली
नशे की हालत में स्मैक के बकाया पैसों के लेन-देन को लेकर अभिजीत और आर्यन के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आपा खो चुके अभिजीत ने अपनी पिस्तौल निकालकर सीधे आर्यन पर गोली चला दी. हालांकि, निशाना चूक जाने के कारण आर्यन बाल-बाल बच गया. इसके तुरंत बाद आर्यन कुमार सिंह और फरार आरोपी मोहित पाठक ने मिलकर अभिजीत को दबोच लिया और उसे काबू में कर लिया. इसके बाद आर्यन ने अभिजीत के हाथ से ही पिस्तौल छीनी और उस पर फायर कर दिया, जिससे अभिजीत की मौके पर ही मौत हो गई.
आपराधिक इतिहास और नशे के कारोबार से जुड़ा था मृतक, आरोपी पुलिस गिरफ्त में
एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि मृतक अभिजीत खुद स्मैक के अवैध कारोबार से गहराई से जुड़ा हुआ था और उसके खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. वह करीब 5 से 6 महीने पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था. पुलिस टीम ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी आर्यन कुमार सिंह (25 वर्ष) को दबोच लिया. गिरफ्तार आर्यन मूल रूप से सुपौल जिले के लौकहा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरुआरी (वार्ड नंबर 08) का निवासी है, जो वर्तमान में सहरसा के पंचवटी (वार्ड नंबर 17) में रह रहा था. पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
Saharsa Murder Case: पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और सामने खड़े बड़े सवाल
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम में सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान, पुअनि रोशन कुमार, पुअनि अमित कुमार, पुअनि नंदन कुमार तथा डीआईयू की टीम शामिल थी. मृतक के भाई के फर्द बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. हालांकि, इस हत्याकांड का पर्दाफाश होने के बाद भी पुलिस के सामने कई अहम सवाल खड़े हैं:
हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां छिपाया गया है?
फरार मुख्य आरोपी मोहित पाठक की इस पूरे मामले में क्या भूमिका थी?
घटनास्थल पर मौजूद चार अवैध पिस्तौलें आखिरकार किसकी थीं?
स्मैक तस्करों के इस नेटवर्क का दायरा कहां तक फैला हुआ है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी मोहित पाठक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं.

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