नूतन देवी ने साबित किया मेहनत व सही मार्गदर्शन से की जा सकती गरीबी दूर

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नूतन देवी ने साबित किया  मेहनत व सही मार्गदर्शन से की जा सकती गरीबी दूर

गरीबी में जीवन गुजर-बसर करने वाली महिलाओं के लिए जीविका किसी वरदान से कम नहीं है. आज जीविका से जुड़कर जिले के हजारों गरीब परिवार आज सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं.

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जीविका ने दिया सहयोग, तो आत्मनिर्भर बनीं नूतन देवी सहरसा. गरीबी में जीवन गुजर-बसर करने वाली महिलाओं के लिए जीविका किसी वरदान से कम नहीं है. आज जीविका से जुड़कर जिले के हजारों गरीब परिवार आज सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं. जिले के सोनवर्षा तमकुल्हा नूतन देवी की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने जीवन को बदलने का सपना देखती हैं. नूतन देवी की स्थिति तब बेहद दयनीय हो गयी जब उनके पति का अचानक निधन हो गया. तीन छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश का बोझ व बेटी की शादी के लिए लिया गया कर्ज उनकी जिंदगी को और कठिन बना रहा था. नूतन देवी के जीवन में बदलाव तब आया, जब उन्हें जीविका के स्वयं सहायता समूह से जोड़ा गया सबसे पहले उन्हें एसडीएफ के तहत राशि प्रदान की गयी. जिससे उन्होंने अपने घर की मरम्मत करायी. इसके बाद एलईएफ की राशि का उपयोग कर उन्होंने बकरी पालन शुरू किया. सतत जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से दीदी को लगातार सहायता मिलती रही. खेती-बाड़ी व बकरी पालन के जरिए नूतन देवी ने अपने बच्चों का पालन-पोषण करना शुरू किया. उनका आत्मविश्वास बढ़ा व उन्होंने कर्ज चुकाकर अपने परिवार को एक नई दिशा दी. आज नूतन देवी ना केवल आत्मनिर्भर हैं. बल्कि खेती व बकरी पालन के जरिए नियमित आय अर्जित कर रही हैं. उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत व सही मार्गदर्शन से किसी भी मुश्किल को हराया जा सकता है. अपने बच्चों की बेहतर परवरिश व शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए नूतन देबी पूरी तरह समर्पित हैं. उनकी बेटियां भी अब अपने जीवन को संवारने के लिए प्रेरित हो रही हैं. नूतन देवी के लिए सतत जीविकोपार्जन योजना एक वरदान साबित हुई. उन्होंने कहा कि उन्हें और फंड मिलेगा तो वह अपने रोजगार को और विस्तार देगी व अपने परिवार को और अधिक खुशहाल बनायेंगी.

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दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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