हॉस्पिटल के प्रबंधकों को दी गयी पीओएसएच अधिनियम की जानकारी

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हॉस्पिटल के प्रबंधकों को दी गयी पीओएसएच अधिनियम की जानकारी

पीके हॉस्पिटल, आयुष अर्णव हॉस्पिटल, सूर्या क्लीनिक, संजीवनी क्लीनिक एवं सत्यम हॉस्पिटल का भ्रमण किया.

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सहरसा. महिला एवं बाल विकास निगम जिला परियोजना प्रबंधक, डीएचईडब्ल्यू जिला मिशन समन्वयक एवं वन स्टॉप सेंटर प्रभारी केंद्र प्रशासक ने पीके हॉस्पिटल, आयुष अर्णव हॉस्पिटल, सूर्या क्लीनिक, संजीवनी क्लीनिक एवं सत्यम हॉस्पिटल का भ्रमण किया. जिसमें हॉस्पिटल के प्रबंधकों को पीओएसएच अधिनियम की जानकारी दी. उन्हें बताया गया कि महिलाओं के लिए कार्यस्थल में उनके लिए सुरक्षित स्थान बनाने के लिए पीओएसएच अधिनियम के तहत निजी संस्थानों में आंतरिक समिति के गठन करने की आवश्यकता है. जिसमें हॉस्पिटल के प्रबंधक एवं चिकित्सीय पदाधिकारी को अपने संस्थान में 10 से ज्यादा कर्मियों के कार्यरत होने पर आंतरिक समिति का गठन कर सूची को पोर्टल पर अपलोड कराने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि समय पर इसके गठन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं की जाती है तो 50 हजार रुपये जुर्माना तक लगाया जा सकता है. इसके बारे में भी जानकारी दी गयी.

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दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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