सलखुआ में गुरु पूर्णिमा पर RSS स्वयंसेवकों ने किया भगवा ध्वज पूजन, राष्ट्र सेवा का लिया संकल्प

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फोटो - सलखुआ,सहरसा - सलखुआ में प्रभात शाखा में गुरुदक्षिणा कार्यक्रम करते स्वयंसेवक | Prabhat Khabar Network

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सहरसा के सलखुआ में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भगवा ध्वज पूजन और गुरु दक्षिणा कार्यक्रम आयोजित किया. इस आयोजन में स्वयंसेवकों ने राष्ट्र निर्माण, सेवा भावना और सामाजिक समरसता के महत्व को दोहराया.

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Guru Purnima RSS Program: सहरसा जिले के सलखुआ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ज्ञानगंगा पब्लिक स्कूल परिसर में भगवा ध्वज पूजन और गुरु दक्षिणा कार्यक्रम आयोजित किया. कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण, सेवा भावना और सामाजिक समरसता पर विशेष जोर दिया गया.

सहरसा. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सहरसा जिले के सलखुआ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से आयोजित गुरु दक्षिणा एवं भगवा ध्वज पूजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया. ज्ञानगंगा पब्लिक स्कूल परिसर में हुए इस आयोजन में श्रद्धा, समर्पण और राष्ट्र सेवा का भाव प्रमुख रूप से दिखाई दिया. कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने भगवा ध्वज का पूजन कर गुरु दक्षिणा अर्पित की और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प दोहराया.

भगवा ध्वज को गुरु मानने की परंपरा पर दिया गया जोर

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य शिक्षक अमित कुमार द्वारा परम पवित्र भगवा ध्वज फहराकर की गई. इसके बाद स्वयंसेवकों ने विधि-विधान के साथ ध्वज पूजन किया. पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और संगठनात्मक भावना का विशेष वातावरण बना रहा.

बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए डॉ सुरेश यादव ने कहा कि जैसे सूर्य बिना किसी अपेक्षा के समस्त संसार को ऊर्जा देता है, मेघ जीवनदायिनी वर्षा करते हैं और हवा बिना भेदभाव के सभी तक शीतलता पहुंचाती है, उसी प्रकार गुरु भी निस्वार्थ भाव से शिष्यों के कल्याण में लगे रहते हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है और संघ के स्वयंसेवक भगवा ध्वज को ही गुरु के रूप में स्वीकार करते हैं.

उन्होंने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण, सेवा भावना और चरित्र निर्माण की आवश्यकता पर विस्तार से विचार रखे.

भारतीय संस्कृति में समर्पण सर्वोच्च मूल्य

कार्यक्रम में अधिवक्ता वशिष्ठ नारायण ने कहा कि भारतीय संस्कृति अर्पण, तर्पण और समर्पण के तीन मूल भावों पर आधारित है, जिनमें समर्पण को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है. उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशभर में स्वयंसेवक भगवा ध्वज का पूजन कर राष्ट्र सेवा के प्रति अपने समर्पण का संकल्प लेते हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर शताब्दी वर्ष मना रहा है. इस अवसर पर संघ के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने से जुड़े प्रमुख विचारों पर भी चर्चा की गई. वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, संगठन, जागरूकता और राष्ट्रहित के प्रति नागरिक जिम्मेदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया.

Guru Purnima RSS Program: राष्ट्र निर्माण और सेवा भावना पर विशेष चर्चा

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद, सहयोग और सेवा कार्यों को बढ़ाने की अपील की गई. वक्ताओं ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को याद करने का भी अवसर है.

आयोजन के समापन पर संघ संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार, माधव राव सदाशिव गोलवलकर और भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. इस अवसर पर गंगा प्रसाद, राकेश भगत, सोनू पोद्दार, प्रलाद पोद्दार, रोशन कुमार, संजीव कुमार, वीरेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे.

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Bashistha Kumar

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