राजकीय पॉलिटेक्निक में 322 छात्रों ने लिया एडमिशन, सिविल इंजीनियरिंग सबसे आगे

Updated:
विज्ञापन
फोटो - सहरसा - नामंकन कराते बच्चे व शिक्षक | Prabhat Khabar Network

फोटो - सहरसा - नामंकन कराते बच्चे व शिक्षक | Prabhat Khabar Network

Saharsa News: राजकीय पॉलिटेक्निक सहरसा में सत्र 2026-29 के प्रथम सेमेस्टर में 322 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है. सिविल इंजीनियरिंग में सबसे अधिक 89 छात्रों ने दाखिला लिया.

विज्ञापन

Saharsa News: सहरसा में तकनीकी शिक्षा की ओर युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है. इसका ताजा उदाहरण राजकीय पॉलिटेक्निक, सहरसा में सत्र 2026-29 के प्रथम सेमेस्टर की नामांकन प्रक्रिया में देखने को मिला, जहां अब तक 322 विद्यार्थियों ने विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं में दाखिला लिया है. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) द्वारा आयोजित प्रथम और द्वितीय राउंड की काउंसलिंग के बाद यह नामांकन हुआ है.

संस्थान प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष छात्रों और अभिभावकों की भागीदारी उत्साहजनक रही है और पूरी नामांकन प्रक्रिया पारदर्शी, सुव्यवस्थित और छात्रहितैषी तरीके से संचालित की जा रही है. आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लास, अनुभवी शिक्षक और रोजगारोन्मुख शिक्षा व्यवस्था इस संस्थान को क्षेत्र के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल करती है.

सिविल इंजीनियरिंग में सबसे अधिक दाखिले

राजकीय पॉलिटेक्निक, सहरसा के प्राचार्य प्रो मिथुन कुमार ने बताया कि विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं में छात्रों ने अच्छी रुचि दिखाई है.

शाखावार नामांकन में सिविल इंजीनियरिंग सबसे आगे रही, जहां 89 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया. इसके अलावा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 57, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 54, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 54, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 47 और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में 21 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया.

पारदर्शी और छात्रहितैषी नामांकन प्रक्रिया

प्राचार्य ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया गया है.

प्रत्येक चरण में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की प्रक्रिया सरल और सुगम तरीके से पूरी हो रही है.

तीन इंजीनियरिंग शाखाओं को NBA मान्यता

संस्थान की एक बड़ी उपलब्धि यह है कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागों को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) से मान्यता प्राप्त है.

यह मान्यता इन विभागों में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक मानकों और उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण मानी जाती है. इससे छात्रों को उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों में भी लाभ मिलता है.

आधुनिक सुविधाओं से लैस है संस्थान

राजकीय पॉलिटेक्निक, सहरसा में आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, समृद्ध पुस्तकालय और अनुभवी व्याख्याताओं की व्यवस्था उपलब्ध है.

संस्थान छात्रों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, नवाचार और रोजगारोन्मुख शिक्षा भी प्रदान कर रहा है. यही कारण है कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.

Saharsa News:अगले चरण के लिए पूरी तैयारी

नामांकन प्रभारी प्रो शुभम ने बताया कि प्रथम और द्वितीय राउंड की नामांकन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है.

नामांकन टीम ने सभी आवश्यक दस्तावेजों का समयबद्ध सत्यापन किया और विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई. उन्होंने कहा कि आगामी नामांकन चरणों के लिए भी संस्थान पूरी तरह तैयार है और सभी अभ्यर्थियों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी.

संस्थान प्रशासन ने इस नामांकन अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी व्याख्याताओं और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है.

Also Read: श्रावणी मेला का भव्य उद्घाटन: सीएम सम्राट चौधरी ने श्रद्धालुओं के लिए लॉन्च किया मोबाइल ऐप, की कई बड़ी घोषणाएं

Also Read: Bihar Student Protest: जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव, सरकार के आदेश के बाद मिली जमानत


विज्ञापन
Vinay Kumar Mishra

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar Mishra

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन