कोसी नदी में डॉल्फिन का शिकार कर तेल निकालने का आरोप! सहरसा में वीडियो वायरल होने के बाद मछुआरे पर FIR, गिरफ्तारी को छापेमारी
फोटो - डॉल्फिन पकड़ता मछुआरा
सहरसा के कोसी नदी बहियार में एक मछुआरे पर डॉल्फिन के शिकार और तेल निकालने का आरोप लगा है. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. मछुआरे के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
नवहट्टा (सहरसा). डरहार पंचायत के गोविंदपुर गांव स्थित कोसी नदी के बहियार में डॉल्फिन के कथित शिकार का मामला सामने आया है. आरोप है कि मछली पकड़ने के दौरान जाल में फंसी डॉल्फिन को मछुआरा नाव से अपने घर की ओर ले गया. बाद में ग्रामीणों की गतिविधि बढ़ने पर मृत डॉल्फिन को नदी किनारे छोड़ दिया गया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई शुरू की.
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जाल में फंसी डॉल्फिन को नाव से ले जाने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार डरहार निवासी सरयू मुखिया का पुत्र वीरेंद्र मुखिया शुक्रवार को कोसी नदी के बहियार में मछली पकड़ रहा था. इसी दौरान उसके जाल में एक डॉल्फिन फंस गई. आरोप है कि वह डॉल्फिन को नाव पर लादकर घर की ओर ले गया. बाद में ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी तो मृत डॉल्फिन को नदी किनारे फेंककर वहां से चला गया.
डॉल्फिन का तेल निकालने की बात कहने का आरोप
घटना के दौरान वहां मौजूद एक युवक ने मछुआरे को डॉल्फिन के साथ देखा. उसने डॉल्फिन के शिकार को लेकर उससे पूछताछ की और बताया कि डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है तथा इसे कानूनी संरक्षण प्राप्त है. आरोप है कि बातचीत के दौरान मछुआरे ने डॉल्फिन का शिकार करने और उसका तेल निकालने की बात कही.
मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया वीडियो
युवक ने मछुआरे के साथ हुई बातचीत और घटना के कुछ हिस्से को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया. घटना की जानकारी फैलने के बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुटने लगे. भीड़ बढ़ती देख आरोपित मृत डॉल्फिन को नदी किनारे छोड़कर वहां से फरार हो गया. इसके बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
वन विभाग ने कब्जे में लिया डॉल्फिन का शव
वीडियो वायरल होने और घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची. टीम ने मृत डॉल्फिन को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी. इसके साथ ही आरोपित वीरेंद्र मुखिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है.
आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
पुलिस के अनुसार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. वन विभाग और पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं. वीडियो में किए गए दावों की सत्यता, डॉल्फिन की मौत के कारण और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.
डॉल्फिन पकड़ना क्यों है गैरकानूनी
गंगा डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है और इसे वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजाति का दर्जा प्राप्त है. डॉल्फिन को जानबूझकर पकड़ना, मारना, घायल करना या उसके शरीर के किसी हिस्से का इस्तेमाल करना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है. इसका संरक्षण नदी के पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण है.
गंगा डॉल्फिन मुख्य रूप से गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली में पाई जाती है. इसके संरक्षण के लिए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधान लागू होते हैं. हालांकि इस मामले में आरोपी की भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी.
जाल में गलती से फंस जाए तो क्या करें
यदि मछली पकड़ने के दौरान डॉल्फिन गलती से जाल में फंस जाए तो उसे नुकसान पहुंचाने या घर ले जाने के बजाय तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देनी चाहिए. प्रशिक्षित कर्मियों की निगरानी में ही उसे सुरक्षित तरीके से नदी में वापस छोड़ा जाना चाहिए.
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