'काम किया ट्रैक्टर ने, पैसे डकार गये फर्जी मजदूर!'; सहरसा के सोनवर्षाराज में मनरेगा लूट के खिलाफ बीडीओ की चौखट पर पहुंचे ग्रामीण

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फोटो - बीडीओ को ज्ञापन सौंपते आवेदक

सोनवर्षाराज (सहरसा) में मनरेगा योजना के तहत सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता का खुलासा हुआ है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों की जगह मशीनों से काम कराया गया और मजदूरों के नाम पर फर्जी मस्टर रोल बनाकर लाखों रुपये की निकासी की गई है. मामले की जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बीडीओ को आवेदन सौंपा है.

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Saharsa MGNREGA Irregularity: सोनवर्षाराज (सहरसा). पड़ड़िया पंचायत के अरसी भरना वार्ड संख्या छह में मनरेगा योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए दर्जनों ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित आनंद को सामूहिक आवेदन दिया है. ग्रामीणों ने करीब 19 लाख रुपये की योजना में मजदूरों की जगह ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी ढुलाई कराने, मजदूरों के नाम पर मस्टर रोल तैयार कर राशि निकासी किए जाने समेत कई आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों ने योजना की स्थल जांच, अभिलेख एवं मस्टर रोल की जांच तथा आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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मजदूरों की जगह मशीन से काम कराने का आरोप

ग्रामीणों ने आवेदन में आरोप लगाया है कि अरसी भरना में मनोज सिंह के खेत से रजनीश सिंह के खेत तक तथा चंद्रदेव मुखिया के खेत से सुधीर सिंह के खेत तक मिट्टी एवं ईंट सोलिंग सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी. योजना की लागत करीब 19 लाख रुपये बताई गई है. प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू कराया गया, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार मनरेगा के नियमों का पालन नहीं किया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि मजदूरों से काम कराने के बजाय ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी का कार्य कराया गया. इसके बावजूद मजदूरों के नाम पर कार्य दिखाकर राशि की निकासी कर ली गई. सड़क निर्माण के लिए चिन्हित स्थल को जोतकर चार-पांच ट्रेलर मिट्टी डालने के बाद पूरी राशि की निकासी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है.

अभिलेख और मस्टर रोल की जांच की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि योजना से संबंधित अभिलेख, मस्टर रोल, कार्यस्थल और मजदूरों को किए गए भुगतान की जांच होने पर आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है. उन्होंने बीडीओ से स्थल निरीक्षण कराने के साथ योजना से जुड़े सभी दस्तावेजों और मस्टर रोल की जांच कराने की मांग की.

मनरेगा पीओ के कार्यालय में नहीं मिले अधिकारी

ग्रामीण मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी मो. रजा को भी आवेदन देने पहुंचे थे, लेकिन कार्यालय बंद रहने के कारण वे बीडीओ को ही सामूहिक आवेदन सौंपकर लौट गए. ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है.

कई ग्रामीण रहे मौजूद

आवेदन देने वालों में प्रमिला देवी, राजकुमारी देवी, सीता देवी, संजू देवी, शिवम मुखिया, मनिक मुखिया, मुसो सादा, कपिल मुखिया, राजो मुखिया, बेचन मुखिया, बिजली देवी, प्रमोद सादा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे.

जांच के लिए पीओ को भेजा गया आवेदन

Saharsa MGNREGA Irregularity: इस संबंध में बीडीओ अमित आनंद ने कहा कि ग्रामीणों का आवेदन मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी मो. रजा को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.


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