अपहृत नाबालिग बेटी की बरामदगी के लिए पिता ने डीआईजी से लगायी गुहार

Updated:
विज्ञापन
अपहृत नाबालिग बेटी की बरामदगी के लिए पिता ने डीआईजी से लगायी गुहार

कोसी प्रमंडल के सुपौल जिले के भीमनगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की के अपहरण के बाद अब तक उसकी बरामदगी नहीं हो सकी है.

विज्ञापन

सहरसा. कोसी प्रमंडल के सुपौल जिले के भीमनगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की के अपहरण के बाद अब तक उसकी बरामदगी नहीं हो सकी है. पीड़ित भीमनगर निवासी दीपेंद्र कुमार सिंह ने कोसी प्रक्षेत्र के आरक्षी उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार को आवेदन देकर नाबालिग बच्ची के बरामदगी की गुहार लगायी है. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि मामले में स्थानीय पुलिस न केवल लापरवाही बरत रही है, बल्कि प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद भी उचित कानूनी धारा पॉक्सो एक्ट नहीं जोड़ा गया है, इस संबंध में भीमनगर के निवासी दीपेंद्र कुमार सिंह ने डीआईजी को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं नाबालिग बच्ची की जल्द बरामदगी की गुहार लगायी है. आवेदन के अनुसार यह घटना 24 जून की है, जब उनकी नाबालिग पुत्री का अपहरण भीमनगर के ही आकाश कुमार सहनी पिता रामाशीष सहनी, डब्ल्यू खान उर्फ इमरान खान पिता हफीक खान व रूणा देवी द्वारा किया गया. पीड़ित ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गयी, लेकिन थाने द्वारा प्रथम चरण में कोई कार्रवाई नहीं की गयी, जब स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से थाने पहुंच कर दबाव बनाया, तब जाकर मामले में एफआइआर दर्ज की गयी, लेकिन इसमें गंभीर धारा पॉक्सो एक्ट शामिल नहीं किया गया, जो नाबालिग पीड़िता के मामले में अनिवार्य है. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपित अब भी खुलेआम क्षेत्र में घूम रहे हैं और केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है. इतना ही नहीं पुलिस द्वारा आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित परिवार को ही धमकाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष और अनुसंधान अधिकारी ने न केवल केस को हल्के में लिया, बल्कि जब उन्होंने न्याय की मांग की तो गाली-गलौज कर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी. दीपेंद्र कुमार सिंह ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि भीमनगर क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है और आरोपित पहले से ही नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त है. उन्हें आशंका है कि उनकी नाबालिग बच्ची को मानव तस्करी के उद्देश्य से नेपाल सीमा पार भेज दिया गया है. पीड़ित परिवार ने डीआईजी से मांग की है कि तत्काल बरामदगी सुनिश्चित की जाये व दोषियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित मानव तस्करी व मादक पदार्थ नियंत्रण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन