सहरसा में जहां भोलेनाथ के दरबार से कोई भक्त नहीं लौटता खाली हाथ, जानिए बाबा मटेश्वर धाम की महिमा
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 05 Jun 2026 8:56 AM
बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर
Aaj ka Darshan: सावन में गूंजता है हर-हर महादेव, हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है बाबा मटेश्वर धाम
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की विशेष रिपोर्ट.
Aaj ka Darshan: सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के काठो गांव स्थित बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शिवभक्तों की अटूट आस्था, लोकविश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है. वर्षों पुराना यह मंदिर आज भी हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती और बाबा मटेश्वरनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं. यही कारण है कि कोसी क्षेत्र सहित दूर-दराज के इलाकों से भी श्रद्धालु यहां जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.
स्वयंभू शिवलिंग से जुड़ी है गहरी आस्था
काठो गांव का यह प्राचीन शिवधाम धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर में स्थापित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था. तभी से यहां नियमित पूजा-अर्चना का क्रम जारी है. मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति होती है. सुबह की आरती से लेकर संध्या पूजा तक मंदिर परिसर भक्तों की आवाजाही से गुलजार रहता है.
सावन में उमड़ता है आस्था का सैलाब
बाबा मटेश्वर धाम में सावन का महीना विशेष महत्व रखता है. मुंगेर जिले के छर्रापट्टी से हजारों कांवरिये गंगाजल लेकर यहां पहुंचते हैं और बाबा का जलाभिषेक करते हैं. पूरे सावन महीने मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहता है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पूरा क्षेत्र शिवमय हो जाता है.
महाशिवरात्रि पर सजता है भव्य आध्यात्मिक उत्सव
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर का नजारा बेहद आकर्षक होता है. कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से यहां दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. विशेष श्रृंगार, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न होती है. हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगल जीवन की कामना करते हैं.
धार्मिक पर्यटन के रूप में बढ़ रही पहचान
बीते कुछ वर्षों में बाबा मटेश्वर धाम की पहचान धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भी मजबूत हुई है. मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों के कारण श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. यहां आने वाले लोग पूजा-अर्चना के साथ ग्रामीण संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण का भी आनंद लेते हैं.
भक्तों का अटूट विश्वास
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा मटेश्वरनाथ के दरबार से कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता. सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ मांगी गई हर मुराद यहां पूरी होती है. यही विश्वास इस प्राचीन शिवधाम को कोसी क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष स्थान दिलाता है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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