सांप डसने के बाद चक्कर में गयी महिला की जान, समय पर अस्पताल पहुंचती तो बच सकती थी जिंदगी

जीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड गमगीन परिजन. | Prabhat Khabar Network
Snake Bite Tragedy : पूर्णिया के मिश्रीनगर में सर्पदंश के बाद अंधविश्वास के चलते महिला की जान चली गई. झाड़-फूंक में कीमती समय गंवाने के कारण उसकी जान बचाई न जा सकी. डॉक्टरों ने समय पर इलाज की अहमियत बताई है.
Snake Bite Tragedy : पूर्णिया जिले के जलालगढ़ थाना क्षेत्र के मिश्रीनगर गांव में अंधविश्वास की एक दर्दनाक कीमत सामने आई है. विषैले सांप के डसने के बाद महिला को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराई गई, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी मौत हो गई. चिकित्सकों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी.
बिस्तर से उतरते ही सांप ने डसा
मिश्रीनगर निवासी बिनोद मरांडी की पत्नी बहा मुर्मू रोज की तरह मंगलवार सुबह बिस्तर से नीचे उतरी थीं. इसी दौरान फर्श पर छिपे एक विषैले सांप ने उनके पैर में डस लिया. महिला के शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें सर्पदंश की जानकारी मिली.
अस्पताल की बजाय झाड़-फूंक में गंवाया कीमती समय
घटना के बाद परिजन महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय स्थानीय तांत्रिक के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए. काफी देर तक झाड़-फूंक चलती रही, जबकि इस दौरान सांप का जहर पूरे शरीर में फैलता गया. महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही और जब वह अचेत होने लगी, तब परिजन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) पूर्णिया लेकर पहुंचे.
डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
जीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार, यदि सर्पदंश के तुरंत बाद महिला को अस्पताल लाया जाता और समय पर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) सहित आवश्यक इलाज शुरू हो जाता, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी अधिक थी.
गांव में पसरा मातम, डॉक्टरों ने दी अहम सलाह
महिला की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए. समय पर उपचार ही ऐसे मामलों में जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है.
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लेखक के बारे में
By विकास वर्मा
विकास वर्मा प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.
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