त्योहार से पहले महंगाई का डबल झटका! पूर्णिया में 70 किलो हुई चीनी, प्याज भी 50 पार

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फोटो- चीनी | Prabhat Khabar Network

त्योहारों के मौसम से पहले चीनी और प्याज की कीमतों में भारी उछाल ने आम उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है. पूर्णिया में चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई है, जबकि प्याज भी 50 रुपये किलो बिक रहा है. जानिए इस महंगाई के पीछे की वजहें और आम जनता की चिंताएं.

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पूर्णिया. पर्व-त्योहार के सीजन से पहले चीनी की कीमत में अचानक उछाल आने से आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है. पूर्णिया के खुले बाजार में चीनी का भाव करीब 70 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है, जबकि पिछले महीने तक इसकी औसत कीमत 45 से 50 रुपये प्रति किलो थी. थोक बाजार में भी कीमतों में बड़ा अंतर आया है. इधर चीनी के साथ प्याज की कीमत भी लगातार बढ़ रही है. कुछ सप्ताह पहले 30 से 40 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है.

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गुलाबबाग मंडी में 6100 से 6200 रुपये क्विंटल पहुंची चीनी

शहर के प्रमुख थोक बाजार गुलाबबाग में पिछले महीने चीनी की कीमत करीब 4400 रुपये प्रति क्विंटल थी. फिलहाल इसका भाव बढ़कर 6100 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. हालांकि थोक और खुदरा बाजार की कीमत में काफी अंतर दिखाई दे रहा है. खुले बाजार में उपभोक्ताओं को चीनी करीब 70 रुपये किलो खरीदनी पड़ रही है.

मिठाई कारोबारियों ने साधी नजर

चीनी की कीमत में अचानक हुई बढ़ोतरी के बावजूद फिलहाल चाय और मिठाइयों की कीमतों पर इसका सीधा असर नहीं दिख रहा है. मिठाई कारोबारी अभी वेट एंड वाच की स्थिति में हैं. कारोबारियों को आशंका है कि यदि चीनी की कीमत में और बढ़ोतरी हुई तो आने वाले पर्व-त्योहारों में मिठाइयों की लागत बढ़ सकती है और इसका असर कीमतों पर भी पड़ सकता है.

त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता

आम दिनों में घरों में इस्तेमाल होने वाली चीनी की खपत कम करने से किसी तरह काम चलाया जा सकता है, लेकिन पर्व-त्योहारों के दौरान इसकी मांग बढ़ जाती है. ऐसे में उपभोक्ताओं को चिंता है कि यदि कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो त्योहारों पर मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ महंगे हो सकते हैं.

गन्ने की कम पैदावार को बताया जा रहा वजह

चीनी कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे गन्ने की पैदावार में आई कमी भी एक प्रमुख वजह है. उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में कम बारिश और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का असर गन्ने की फसल पर पड़ा है. इससे चीनी का उत्पादन प्रभावित हुआ और बाजार में आवक कम होने से कीमतों में बढ़ोतरी हुई.

जमाखोरी और आपूर्ति को लेकर भी उठ रहे सवाल

बाजार में चीनी के बढ़ते भाव को लेकर कुछ लोग जमाखोरी और आपूर्ति में कमी की आशंका भी जता रहे हैं. खास बात यह है कि खुदरा बाजार में चीनी की कीमत और थोक मंडी के भाव में अपेक्षित तालमेल नहीं दिखाई दे रहा है. ऐसे में उपभोक्ताओं के बीच कीमतों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

प्याज | Prabhat Khabar Network
फोटो- प्याज | Prabhat Khabar Network

प्याज भी अब रुलाने लगा, 50 रुपये किलो पहुंचा भाव

चीनी के बाद प्याज की बढ़ती कीमत ने भी आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है. कुछ सप्ताह पहले खुले बाजार में 30 से 40 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब करीब 50 रुपये किलो पहुंच गया है. यानी कीमत में करीब 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है.

गुलाबबाग मंडी में लगातार पहुंच रहे प्याज के ट्रक

गुलाबबाग मंडी में प्याज से लदे ट्रकों की आवक लगातार जारी है, इसके बावजूद खुदरा बाजार में कीमत बढ़ रही है. कारोबारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में प्याज के भाव में और बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है. चीनी और प्याज दोनों की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है.




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