पूर्णिया में 200 डेंटिस्टों का महाजुटान: ग्रैंड 13 रिजॉर्ट में डेंटल फेस्ट का भव्य आगाज
कार्यशाला में डीएम को सम्मानित करते दंत चिकित्सक | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया में इंडियन डेंटल एसोसिएशन ने 'पूर्णिया डेंटल फेस्ट' का भव्य आयोजन किया. इसमें 200 दंत चिकित्सकों ने ओरल कैंसर की चुनौतियों और आधुनिक डेंटल इंप्लांट विधियों पर गहन चर्चा की. डीएम ने दंत स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया.
इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) पूर्णिया शाखा की ओर से मरंगा स्थित भव्य ग्रैंड 13 रिजॉर्ट में वार्षिक 'पूर्णिया डेंटल फेस्ट' का शानदार आयोजन किया गया.
इस राज्यस्तरीय शैक्षणिक समागम में बिहार के विभिन्न प्रमंडलों व जिलों से करीब 200 ख्यातिप्राप्त दंत चिकित्सकों ने हिस्सा लिया. फेस्ट के अंतर्गत दंत चिकित्सा की अत्याधुनिक विधाओं, अत्याधुनिक उपकरणों और ओरल कैंसर से जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर एक विशेष तकनीकी कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका विधिवत उद्घाटन पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया.
'दंत स्वास्थ्य पर सामाजिक जागरूकता की सख्त जरूरत': डीएम अंशुल कुमार
कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डीएम अंशुल कुमार ने चिकित्सकों से क्लीनिक की चारदीवारी से बाहर निकलकर सामाजिक बदलाव की मुहिम छेड़ने का आह्वान किया.
जिलाधिकारी ने कहा कि सीमांचल के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आज भी मुंह और दांतों की स्वच्छता को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जाती है, जो आगे चलकर बड़ी बीमारियों का रूप ले लेती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दंत चिकित्सक केवल दांतों का उपचार न करें, बल्कि तंबाकू और गुटखे से होने वाले ओरल कैंसर के प्रति भी जन-जन में व्यापक सामाजिक चेतना जागृत करने में एक ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभाएं.
दिल्ली के डॉ. ध्रुव अरोड़ा ने लाइव मॉडल से समझाया डेंटल इंप्लांट का विज्ञान
कार्यशाला का मुख्य आकर्षण नई दिल्ली से पधारे सुप्रसिद्ध दंत विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव अरोड़ा का तकनीकी सत्र रहा. उन्होंने 'डेंटल इंप्लांट' (दंत प्रत्यारोपण) की आधुनिकतम और दर्द-रहित वैज्ञानिक पद्धतियों पर सारगर्भित व्याख्यान दिया.
डॉ. अरोड़ा ने व्यावहारिक तरीके से बताया कि कैसे नई तकनीकों के माध्यम से कृत्रिम दांतों को प्राकृतिक रूप दिया जा सकता है, सर्जरी के दौरान किन सावधानियों को बरतना आवश्यक है और मरीजों को लंबे समय तक इसका लाभ कैसे दिलाया जाए. सत्र के दौरान उपस्थित युवा और अनुभवी दंत चिकित्सकों ने इंप्लांट से जुड़े अपने तकनीकी संशयों का समाधान किया.

ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण पहचानें और समय पर करें रेफर: डॉ. सतदरू राय
सिलीगुड़ी स्थित प्रतिष्ठित मणिपाल कैंसर हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. सतदरू राय ने 'ओरल कैंसर: पहचान और उपचार' विषय पर विस्तार से चर्चा की.
उन्होंने कहा कि मुंह में होने वाले छाले, सफेद या लाल चकत्ते और न भरने वाले घाव कैंसर के प्राथमिक संकेत हो सकते हैं. चूंकि मरीज सबसे पहले दंत चिकित्सक के पास ही पहुंचता है, इसलिए डेंटिस्ट की जिम्मेदारी है कि वह शुरुआती स्तर पर ही बीमारी को भांप लें और मरीज को बिना समय गंवाए उच्च कैंसर केंद्रों के लिए रेफर करें, ताकि समय रहते उसकी जान बचाई जा सके.
पटना से पहुंचे राज्य नेतृत्व ने सराहा, सीमांचल के चिकित्सकों ने भरा दम
समारोह में पटना से पधारे आईडीए बिहार स्टेट के सचिव डॉ. कुमार मानवेंद्र और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पुलिन बिहारी वर्मा ने भी विचार रखे और कहा कि ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए सीमांचल की धरती पर ऐसा विशाल फेस्ट आयोजित होना ऐतिहासिक है.
मंच का कुशल संचालन पूर्णिया के जाने-माने चिकित्सक डॉ. अरविंद खत्री ने किया. इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में आईडीए पूर्णिया के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार दास, सचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. सौरभ शौर्य, डॉ. रवि विजय कुमार, डॉ. गोपाल चंद्र, डॉ. राजेश मोदी, डॉ. चंदन वर्मा, डॉ. प्रशांत चंदन, डॉ. मयंक झा और डॉ. एलडी महेश्वरी ने प्रमुख भूमिका निभाई. वहीं दरभंगा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीवी वर्मा और पूर्णिया के वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. विजय वर्मा ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की.
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