पूर्णिया में बाढ़ के बीच बच्चों की पढ़ाई जारी, 4 फीट पानी पार कर स्कूल पहुंच रहे छात्र
फोटो पानी पार करके स्कूल जाते छात्र | Prabhat Khabar Network
पूर्णिया के अमौर प्रखंड में परमान नदी के उफान से नितेंद्र पंचायत का पिपरा लाल टोली वार्ड नंबर 3 टापू में तब्दील हो गया है. जान जोखिम में डालकर बच्चे सिर पर बस्ता रखकर 3 से 4 फीट गहरे बहते पानी को पार करते हुए स्कूल जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है.
Purnea News: पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड स्थित नितेंद्र पंचायत के पिपरा लाल टोली वार्ड नंबर 3 में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. लगातार कई दिनों से हो रही बारिश और परमान नदी के उफान ने पूरे गांव को चारों ओर से घेर लिया है. हालात ऐसे हैं कि गांव टापू में तब्दील हो चुका है और बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता भी पानी में डूब गया है. सबसे चिंताजनक तस्वीर उन बच्चों की है जो सिर पर बस्ता और किताब रखकर 3 से 4 फीट गहरे बहते पानी को पार करते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा बाधित न हो, इसलिए वे जान जोखिम में डालकर अपने बच्चों को विद्यालय भेज रहे हैं.
एकमात्र सड़क पर 3 से 4 फीट पानी, आवागमन ठप
पिपरा लाल टोली को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली एकमात्र कच्ची सड़क पर लगातार 3-4 फीट पानी बह रहा है.
इस कारण गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से लगभग कट गया है और सामान्य आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
ग्रामीणों के अनुसार, कई परिवार आवश्यक वस्तुएं लाने और बीमार लोगों को बाहर ले जाने में भी कठिनाई का सामना कर रहे हैं.
सिर पर बस्ता रखकर धार पार कर रहे बच्चे
बाढ़ के बीच सबसे दर्दनाक स्थिति स्कूली बच्चों की है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे अपने बस्ते और किताबें सिर पर रखकर तेज धार वाले पानी को पार करते हुए विद्यालय पहुंचते हैं.
अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकने देना चाहते, लेकिन हर दिन उन्हें दुर्घटना का डर सताता है.
गांव बना टापू, बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के कारण परमान नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरा पिपरा लाल टोली वार्ड नंबर 3 चारों ओर से पानी से घिर गया है.
ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बारिश और बढ़ी, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था, नाव की सुविधा और वैकल्पिक संपर्क मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है.
Purnea News: प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
इस मामले पर अंचलाधिकारी (सीओ) शमीना खातून ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है.
उन्होंने बताया कि स्थिति का आकलन कर आवश्यक समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी, ताकि ग्रामीणों और विशेषकर स्कूली बच्चों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके.
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