महात्मा ज्योतिबा फुले की मनायी जयंती

Edited by ARUN KUMAR
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जाननकीनगर

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जाननकीनगर. जानकी नगर खूंट ग्रामवासी मनीष मूलनिवासी के निवास स्थान पर महात्मा ज्योतिबा फुले की 198 वीं जयंती मुख्य पार्षद रमेश पासवान की अध्यक्षता में मनायी गयी. बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रमंडलीय प्रभारी सह राजद के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर आलोक कुमार ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जीवनी पर प्रकाश डाला. उन्होने कहा कि भारत में सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन की शुरुआत 1848 ई में ज्योतिबा फुले के द्वारा की गई थी. इस क्रांतिकारी परिवर्तन की आगाज में उनकी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले आजीवन उनके साथ सहयोग देती रही थी.आज हमें इनके बताएं मार्गों को अपनाते हुए बुद्धत्व की ओर जाने की जरूरत है. इस अवसर पर राजेंद्र बौद्ध नव बौद्ध संगठन पूर्णिया के द्वारा पंचशील धर्म ध्वज को फहराया गया राजेंद्र बौद्ध ने कहा कि हमारे पूर्वज बौद्ध ही थे. हम सभी बुद्ध की संताने हैं. बौद्ध धर्म में जात-पात नहीं है. सभी मनुष्य समान हैं.सबको सामानता, बंधुता की राह पर चलना होता है. बौद्ध धर्म की क्या पहचान मानव मानव एक समान. मौके पर रंजीत कुमार (चुन्ना) संसद प्रतिनिधि अशोक ऋषि, मुन्ना टुडू प्रखंड अध्यक्ष (राजद)विजय रौशन, राजेश यादव, उमेश मंडल, चंदन कुमार भारती, अशोक शर्मा, नित्यानंद पासवान, राजकुमार यादव, बमबम भारती,रामचंद्र रविदास, नीतीश कुमार, जवाहर पासवान, बैजनाथ चौधरी, रंजीत रिषी, मौजूद थे. इस मौके पर खूंट, झालीघाट, महाराजी, बथनाहा आदि गांव में भगवान बुद्ध, बाबा साहब अम्बेडकर को मानने वाले लोगो ने धम्म ध्वज लहराया.

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