इबोला की दस्तक से पहले तैयारी शुरू, एयरपोर्ट पर विदेश से लौटने वालों पर रहेगी पैनी नजर

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इबोला की दस्तक से पहले तैयारी शुरू, एयरपोर्ट पर विदेश से लौटने वालों पर रहेगी पैनी नजर

इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी है।

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पूर्णिया से रिपोर्ट :

स्वास्थ्य विभाग ने पूर्णिया एयरपोर्ट ऑथोरिटी के साथ आपसी तालमेल रखने के दिये आदेश

पूर्णिया. इबोला वायरस के संभावित खतरों को देखते हुए सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों सहित घरेलू उड़ान वाले एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखने के आदेश दिए हैं. इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग ने पूर्णिया एयरपोर्ट ऑथोरिटी के साथ आपसी तालमेल रखते हुए यात्रियों पर नजर रखने के आदेश जारी किये हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभाग को प्राप्त गाइड लाइन के तहत एयरपोर्ट ऑथोरिटी के साथ मिलकर ऐसे यात्रियों पर विशेष नजर रखने की बात कही गयी है जिन्होंने इबोला संक्रमित देशों की यात्रा की है, दूसरा जिनका पूर्व में इबोला संक्रमण का इतिहास रहा है और तीसरा वैसे लोग जिनका इबोला संक्रमित मरीज के साथ किसी तरह का संपर्क रहा हो. ऐसे लोगों को 21 दिनों के कोरेनटीन में रखते हुए उनके स्वास्थ्य की जांच एवं उनमें होने वाले परिवर्तनों तथा लक्षणों की गहन निगरानी करनी है. इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कनौजिया ने बताया कि टेली कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विभाग द्वारा पूर्णिया एयरपोर्ट के ऑथोरिटी के साथ मिलकर वैसे यात्रियों पर नजर रखने की बात कही गयी है जिन्होंने विदेश यात्रा की है. सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में इबोला का कोई केस अभीतक नहीं आया है, इसके बावजूद इसकी पूर्व से ही तैयारी कर ली गयी है.

अस्पतालों में पांच-पांच बेड सुरक्षित

जिले के तीन अस्पतालों बनमनखी, धमदाहा एवं के. नगर में पांच पांच बेड सुरक्षित रखे गये हैं ताकि विशेष परिस्थिति का त्वरित सामना किया जा सके. सिविल सर्जन ने आम लोगों से इसे पैनिक न बनाने की अपील की है और कहा है कि इबोला को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क और तैयार है किसी को भी घबराने की जरुरत नहीं है. इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालय में स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भी इबोला सक्रमित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड की तैयारी कर ली गयी है और इसके लिए डॉ. मुस्तफा अशरफ को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.

गंभीर और जानलेवा रोग है इबोला

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इबोला रोग मनुष्यों में एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है. इबोला रोग में मृत्यु दर औसतन लगभग 50 से 60 प्रतिशत है. इसके लक्षणों में बुखार, थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश के अलावा मरीज को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, त्वचा पर चकत्ते और गुर्दे व यकृत के कार्य में गड़बड़ी और रक्तश्राव के लक्षण दिखाई देते हैं. ऐसे मरीजों को अलग और विशिष्ट स्थानों पर रखकर उनका लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है. एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला ने बताया कि इबोला के लक्षण प्रकट होने पर सम्बंधित व्यक्ति का रक्त, यूरिन और सीरम को जांच के लिए एनआईवी पुणे भेजा जाएगा.

बोले सिविल सर्जन

प्राप्त निर्देश के आलोक में इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य सेवा से जुड़े सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि इबोला वायरस के लक्षण वाले मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ विभाग को अविलम्ब इसकी सूचना दें. उन्हें आइसोलेशन में रखना है. इबोला से किसी को घबराने की कोई जरुरत नहीं है और न ही पैनिक होना है इसके बारे में आम लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है. फिलहाल जिले में इसका एक भी केस सामने नहीं आया है.

डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, सिविल सर्जन

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सत्येन्द्र सिन्हा गोपी

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र सिन्हा गोपी

सत्येन्द्र सिन्हा गोपी प्रिंट माध्यम में 25 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. आकाशवाणी एवं दूरदर्शन समाचार से पत्रकारिता की शुरुआत की. नाटक, कला संस्कृति, गीत संगीत, कृषि व मेडिकल क्षेत्र में विशेष अभिरुचि रखते हैं.

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