यूएमआइएस को ले इस महीने पूर्णिया विवि में हंगामा रहने के आसार

Updated at : 02 Jul 2024 5:58 PM (IST)
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यूएमआइएस को ले इस महीने पूर्णिया विवि में हंगामा रहने के आसार

65 हजार छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है

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पूर्णिया. च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत चार वर्षीय स्नातक सत्र 2024-2028 में नामांकन से पहले ही यूएमआइएस का जो पेंच फंसा है, उससे इस महीने पूर्णिया विवि में हंगामा रहने के आसार बन गये हैं. यह मामला स्नातक प्रथम सेमेस्टर में नामांकन के इच्छुक छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन आवेदन से संबंधित है. इस बार करीब 65 हजार छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है. अभी तक की स्थिति के अनुसार, 10 फीसदी से अधिक छात्र-छात्राओं के डेटा ही पूरे तरीके से गायब हैं. जबकि बड़ी संख्याओं में ऑनलाइन आवेदनों में डेटा अधूरा प्रदर्शित हो रहा है. ऐसे में स्नातक के कला संकाय में नामांकन शुरू करना पूर्णिया विवि के लिए टेढ़ी खीर बन गया है. बिहार बोर्ड का रिजल्ट आये हुए तीन महीने हो गये हैं. ऐसे में नामांकन का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं के सब्र का बांध भी टूटने लगा है. इधर, डीन छात्र कल्याण प्रो मरगूब आलम ने बताया कि स्नातक प्रथम सेमेस्टर कला संकाय में नामांकन के लिए पहली मेरिट लिस्ट इसी हफ्ते जारी कर दी जायेगी.

अभाविप ने डीएसडब्लू को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम :

स्नातक सत्र 2024 – 2028 में नामांकन के लिए आवेदन करनेवाले छात्र-छात्राओं का डेटा गायब रहने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पूर्णिया विवि के डीएसडब्लू को यूएमआइएस एजेंसी पर कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. मंगलवार को अभाविप का शिष्टमंडल डीएसडब्लू से मिला और सीधा आरोप लगाया कि विवि प्रशासन यूएमआइएस एजेंसी को बचाने का. बाद में जिला संयोजक चंदन कुमार ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के यूएमआइएस के पास 70 प्रतिशत छात्रों का डाटा उपलब्ध नहीं है. ऐसे में मेरिट लिस्ट जारी करना नियम के विरूद्ध है. विश्वविद्यालय परिसर अध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन से जब भी यूएमआइएस पर सवाल पूछे गए हैं , विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत बचाव करने लगता है. मौके पर नगर मंत्री रितेश यादव, पूर्णिया कॉलेज उपाध्यक्ष आयुष राज आनंद आदि मौजूद थे.

साइबर कैफे में 100-100 रुपये दे रहे छात्र :

यूएमआइएस की गड़बड़ी की कीमत छात्र-छात्राओं को अपनी जेब से भरनी पड़ रही है. डेटा की री-इंट्री करने के नाम पर साइबर कैफे के संचालक छात्रों से 100-100 रुपये ले रहे हैं. इसे लेकर भी अभाविप ने डीएसडब्लू का ध्यान आकृष्ट कराया है. अभाविप ने मांग की है कि चारों जिला में एक-एक अंगीभूत कॉलेज को चिह्नित कर वहां डेटा की री-इंट्री की सुविधा छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क प्रदान की जाये.

फोटो. 2 पूर्णिया 8 परिचय- यूएमआइएस पर डीएसडब्लू को ज्ञापन देता अभाविप का शिष्टमंडल

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