TR में ओवरराइटिंग के कारण रुकी डिग्रियां, डॉ. आलोक राज ने राज्यपाल को पत्र लिखकर की राहत की मांग

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डॉ. आलोक राज | Prabhat Khabar Network

पूर्णिया विश्वविद्यालय के उत्तीर्ण विद्यार्थियों की मूल डिग्री TR रजिस्टर में त्रुटियों के बहाने रोकी जा रही है. डॉ. आलोक राज ने राज्यपाल से इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है, ताकि छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो.

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पूर्णिया विश्वविद्यालय बनाओ संघर्ष समिति के संस्थापक सह राजद के जिला प्रवक्ता डॉ. आलोक राज ने पूर्णिया विश्वविद्यालय के उत्तीर्ण विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया है. उन्होंने बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति को एक आधिकारिक आवेदन भेजकर मांग की है कि परिणाम सारणीयन पंजी (TR Register) में अंक संशोधन (कटिंग या ओवरराइटिंग) और टेबुलेटर के हस्ताक्षर न होने का बहाना बनाकर पास हुए छात्र-छात्राओं की मूल डिग्री (Degree Certificate) रोकने पर तुरंत रोक लगाई जाए.

विश्वविद्यालय की गलती की सजा छात्रों को क्यों?

डॉ. आलोक राज ने राज्यपाल को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि यदि अभिलेखीय (रिकॉर्ड) त्रुटि विश्वविद्यालय प्रशासन या उसके कर्मचारियों के स्तर पर हुई है, तो इसका नकारात्मक असर विद्यार्थियों के करियर पर नहीं पड़ना चाहिए:

  • संवैधानिक अधिकारों का हवाला: आवेदन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 21 (जीवन एवं गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार) और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए राहत की मांग की गई है.
  • भविष्य पर खतरा: विश्वविद्यालय द्वारा मूल प्रमाण-पत्र जारी न करने के कारण उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा में नामांकन और सरकारी व निजी नौकरियों के आवेदन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

"छात्रहित सर्वोपरि, हर स्तर पर उठाई जाएगी आवाज"

मामले को लेकर डॉ. आलोक राज ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

डॉ. आलोक राज का वक्तव्य: "विश्वविद्यालय की प्रशासनिक या लिपिकीय (Clerical) गलतियों का दंड निर्दोष और उत्तीर्ण छात्रों को देना सर्वथा अनुचित है. छात्रहित हमारे लिए सर्वोपरि है. अगर कुलाधिपति स्तर से तुरंत आदेश पारित नहीं किए गए, तो योग्य विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संवैधानिक और लोकतांत्रिक मंच पर लड़ाई लड़ी जाएगी."

उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि वे पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन को आवश्यक आदेश जारी करें ताकि उत्तीर्ण छात्रों को जल्द से जल्द उनके मूल प्रमाण-पत्र प्राप्त हो सकें.


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अभिषेक भास्कर

लेखक के बारे में

By अभिषेक भास्कर

अभिषेक भास्कर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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