भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धमदाहा में निकला कैंडल मार्च

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धमदाहा में भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर निकाले गए कैंडल मार्च में शामिल लोग.

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Bharat Tiwari Candle March: भोजपुर के भारत भूषण तिवारी की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर पूर्णिया के धमदाहा में कैंडल मार्च निकाला गया. प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई जांच, न्यायिक जांच और आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की.

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धमदाहा से आशीष सिंह की रिपोर्ट:

Bharat Tiwari Candle March: भोजपुर जिले के शाहपुर बिलौटी में पुलिस मुठभेड़ में जान गंवाने वाले भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार शाम धमदाहा के मध्य काली मंदिर परिसर से कैंडल मार्च निकाला गया. इसके बाद आयोजित शोक सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

न्याय की मांग को लेकर लगाए नारे

कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर “भरत भूषण तिवारी को न्याय दो” और “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने घटना पर आक्रोश जताते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की.

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मुठभेड़ पर उठाए सवाल

शोक सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दावा किया कि यह पुलिस मुठभेड़ नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है. उनका आरोप था कि भरत भूषण तिवारी गरीब, वंचित और पीड़ित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे तथा आत्मसमर्पण के बाद उन्हें गोली मारे जाने का आरोप बेहद गंभीर है.

आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग

सभा में वक्ताओं ने कहा कि अब तक की गई कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. उन्होंने मांग की कि जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए. साथ ही भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित करने की भी मांग उठाई.

सीबीआई और न्यायिक जांच की उठी मांग

प्रदर्शनकारियों ने मामले की सीबीआई से स्वतंत्र जांच कराने तथा उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की. उनका कहना था कि निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.

भ्रष्टाचार उजागर करने की वजह से निशाना बनाए जाने का आरोप

सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि भरत भूषण तिवारी किसी एक जाति या वर्ग के नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के हितों के लिए संघर्ष कर रहे थे. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के कारण वे एक सुनियोजित साजिश का शिकार बने.

बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग

कैंडल मार्च और शोक सभा में बी.के. ठाकुर, बिंदुनाथ झा, हरि झा, अर्कनाथ ठाकुर, सत्येंद्र यादव, युवराज यादव, खगेश सिंह, संजय झा, बंकिम ठाकुर, पवन ठाकुर, सोमेंद्र शेखर, राहुल झा, नंदकुमार चौधरी, पंकज ठाकुर, इंद्रदेव महतो, निरंजन ठाकुर, अजय महतो, राम महतो, साधो महतो, हरिवंश झा, रवींद्रनाथ ठाकुर, गिरिजानंद झा, पवन कुमार वर्मा, मोहन झा, बिला महतो, गुणी महतो, इंद्रदेव यादव, चुन्नू कुंवर, पप्पू ठाकुर, मनोज झा समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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