बिहार में शराब कारोबार पर नजर रखेगा प्रोडक्ट इंटेलिजेंस ब्यूरो, सादे कपड़ों में अफसर जुटाएंगे गुप्त जानकारियां

प्रमंडलीय इआबी कार्यालयों पर विभाग के लिए शराब के कारोबार से जुड़ी गुप्त सूचनाएं इकट्ठा करने की जिम्मेदारी होगी. इसमें तैनात होने वाले तमाम पदाधिकारी सादे वेश में काम करेंगे. इनको विभाग के दूसरे कार्यों से अलग रखा जायेगा.
बिहार के जिलों में शराब के उपयोग और व्यापार पर नजर रखने के लिए सभी नौ प्रमंडलों में उत्पाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (इआबी) कार्यालय खोले जायेंगे. मद्यनिषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इसको लेकर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है. विभाग के संयुक्त आयुक्त श्रीकृष्ण पासवान ने बताया कि इआइबी के प्रमंडलीय कार्यालय उत्पाद अधीक्षक के नेतृत्व में खुलेंगे, जिसके हर कार्यालय में दो इंस्पेक्टर, चार सब इंस्पेक्टर, 10 एएसआइ, 20 एएसआइ, दो निम्नवर्गीय उत्पाद लिपिक और तीन कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 42 सदस्यों की टीम आसूचना इकट्ठा करने का काम करेगी.
मद्यनिषेध विभाग के संयुक्त आयुक्त श्रीकृष्ण पासवान ने बताया कि प्रमंडलीय इआबी कार्यालयों पर विभाग के लिए शराब के कारोबार से जुड़ी गुप्त सूचनाएं इकट्ठा करने की जिम्मेदारी होगी. इसमें तैनात होने वाले तमाम पदाधिकारी सादे वेश में काम करेंगे. इनको विभाग के दूसरे कार्यों से अलग रखा जायेगा. उन्होंने बताया कि उत्पाद नियमों में प्रारंभ से ही इआइबी का प्रावधान है, लेकिन समयकाल में शिथिल हो गया था. शराबबंदी अभियान को मजबूती देने के लिए इस सर्विलांस सिस्टम को फिर से चालू करने की तैयारी है.
श्रीकृष्ण पासवान ने बताया कि विभाग के एएसआइ से लेकर अधीक्षक और सहायक आयुक्त स्तर के तमाम पदाधिकारियों को शराब तस्करों से मुकाबला करने के लिए पिस्टल चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. राजगीर के सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर में इसके लिए व्यवस्था की गयी है. विभाग के 700 से अधिक पदाधिकारियों को नाइन एमएम का पिस्टल उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके मुकाबले 416 पिस्टल उपलब्ध हो गया है, जबकि 391 मिलना अभी बाकी है. उन्होंने बताया कि शराब निर्माण की खोजबीन को लेकर जिलों में 49 ड्रोन नियमित रूप से काम कर रहे हैं. सेना को छोड़ कर इतने ड्रोन नियमित उड़ाने वाला मद्यनिषेध इकलौता विभाग है.
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संयुक्त आयुक्त ने बताया कि छापेमारी में उपयोग के लिए सभी मद्यनिषेध टीमों को दो से तीन दिन में मिर्ची स्प्रे उपलब्ध करा दिया जायेगा. विभाग 10 से 12 लीटर वाले मिर्ची स्प्रे के उपयोग पर भी विचार कर रही है, जिसकी रेंज 30 फुट तक हो. यह हर जिले को कम से कम एक दो उपलब्ध करायी जायेगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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