PFI संदिग्धों ने नाम और खाते की जानकारी गृह मंत्रालय ने बिहार के मुख्य सचिव को भेजी, होगी कार्रवाई

Updated at : 11 Nov 2022 4:37 PM (IST)
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PFI संदिग्धों ने नाम और खाते की जानकारी गृह मंत्रालय ने बिहार के मुख्य सचिव को भेजी, होगी कार्रवाई

PFI: गृह मंत्रालय ने पीएफआई के खिलाफ यूएपीए अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिया है. सूची में एक अररिया, चार दरभंगा और एक-एक मुंबई-सीतामढ़ी के रहने वाले हैं.

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Bihar news: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पीएफआई के खिलाफ यूएपीए अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिया है. इसको लेकर मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी ने बिहार के मुख्य सचिव को सात लोगों के नाम, बैंक खाता और अन्य डिटेल्स की जानकारी भेजी है. विभाग से भेजी गई सूची में एक अररिया, चार दरभंगा और एक-एक मुंबई-सीतामढ़ी के रहने वाले हैं.

अररिया, दरभंगा और सीतामढ़ी के रहने वाले हैं संदिग्ध

विभाग की ओर से भेजी गयी सूची में अररिया, दरभंगा और सीतामढ़ी के रहने वाले लोगों के नामों की सूची भेजी है. मंत्रालय के आधार पर मिली सूची और निर्देश के आधार पर अब गृह विभाग की विशेष सचिव केएस अनुपम ने राज्य के सभी जिला अधिकारी को इन संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

संदिग्धों के नाम और अन्य डिटेल

  • एहसान परवेज, स्टेट सेक्रेटरी PFI , अररिया. एहसान परवेज का पैन संख्या CWTPP0853M है.जबकि खाता संख्या 50100047528841 है. बैंक खाता HDFC का है.

  • नुरुद्दीन जंगी, लीगल हेड,PFI. नुरुद्दीन दरभंगा के रहने वाले हैं. पैन संख्या AAHPZ8048A है. जबकि खाता संख्या 397399136967 एसबीआई और एक अन्य खाता 0069114000919103 HDFC का है.

  • महबूब आलम, मिथिलांचल , जिलाध्य़क्ष पीएएफआई, पैन संख्या BAAPA9416A है. जबकि खाता संख्या 005510110007970 बैंक ऑफ इंडिया और एक अन्य खाता 0772010108046 यूबीआई सीतामढी का है.

क्या है यूएपीए अधिनियम ?

UAPA का फुल फॉर्म Unlawful Activities Prevention Act यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम है. इस कानून का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों पर रोकथाम लगाना है. इस कानून के तहत पुलिस ऐसे आतंकियों, अपराधियों या अन्य लोगों को चिह्नित करती है, जो आतंकी ग​तिविधियों में शामिल होते हैं, इसके लिए लोगों को तैयार करते हैं या फिर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं. अगस्त 2019 में ही इसका संशोधन बिल संसद में पास हुआ था, जिसके बाद इस कानून को ताकत मिल गई कि किसी व्यक्ति को भी जांच के आधार पर आतंकवादी घोषित किया जा सकता है.

इस मामले में एनआईए यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को काफी शक्तियां होती है. यहां तक कि एनआईए महानिदेशक चाहें तो किसी मामले की जांच के दौरान वह संबंधित शख्स की संपत्ति की कुर्की-जब्ती भी करवा सकते हैं.

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