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Bihar News: पटना के IGIMS अस्पताल में लेप्रोस्कोपी से ऑरेशन फिलहाल बंद, रोजाना वापस हो रहे मरीज

Updated at : 14 Feb 2022 5:41 PM (IST)
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Bihar News: पटना के IGIMS अस्पताल में लेप्रोस्कोपी से ऑरेशन फिलहाल बंद, रोजाना वापस हो रहे मरीज

पटना के IGIMS अस्पताल में लेप्रोस्कोपी से होने वाली रुटीन सर्जरी अभी भी बंद है. रोजाना यहां से मरीज वापस हो रहे हैं. इसका खास असर गरीब मरीजों पर पड़ रहा है जिन्हें मजबूरन अधिक पैसे खर्च कर दूसरे जगह इलाज कराना पड़ रहा है.

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पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में लैप्रोस्कोपी तकनीक से रूटीन ऑपरेशन बंद कर दिया गया है. इस अस्पताल में रूटीन ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को पिछले 40 दिन से भर्ती करना भी बंद किया गया है. इससे यहां आने वाले मरीजों को शहर के प्राइवेट अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है. स्थिति यह रही कि जो आइजीआइएमएस अस्पताल में ही भर्ती होना चाह रहे थे, उन्हें कहा जा रहा है कि वे कहीं और जाएं या फिर जब सर्जरी शुरू हो जायेगी फिर आना है. इससे खासकर गरीब मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है़

रोजाना 25 मरीजों का हो रहा पलायन

आइजीआइएमएस अस्पताल के इएनटी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, पीएमआर, गैस्ट्रो सर्जरी, हृदय रोग विभाग आदि विभागों में लैप्रोस्कोपी तकनीक से रूटीन ऑपरेशन किये जाते हैं. संबंधित विभागों में रोजाना 25 मरीजों के लैप्रोस्कोपी तकनीक से ऑपरेशन किये जाते हैं. बताया जा रहा है कि अब करीब 145 मरीज सर्जरी के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन ओटी बंद होने की वजह से सर्जरी टाल दी गयी. वर्तमान में इमरजेंसी और कैंसर वार्ड में गंभीर मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है. सर्जरी की तलाश में मरीज स्ट्रेचर पर आते हैं, लेकिन सुविधा बंद होने की वजह से बैरंग लौट जाते हैं.

केस 1

शहर के बिहटा निवासी 59 वर्षीय सत्येंद्र कुमार सिंह को प्रोस्टेट है. दिसंबर महीने में वह यूरोलॉजी विभाग में आये थे तो डॉक्टरों ने सर्जरी कराने की सलाह दी थी. सत्येंद्र के बेटे राजीव कुमार ने बताया कि जनवरी के पहले सप्ताह में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कराने की तारीख दी थी, लेकिन जब गये तो पता चला कि रूटीन सर्जरी बंद है़

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केस 2-

नवादा जिले के निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि उनको गॉल ब्लेडर में पथरी है. ऑपरेशन के लिए उनके परिजन पांच दिन से आइजीआइएमएस का चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन बताया जा रहा है कि कोरोना की वजह से लैप्रोस्कोपी से सर्जरी फिलहाल बंद है. प्राइवेट अस्पताल में 50 से 60 हजार रुपये मांग रहे हैं. आर्थिक स्थिति खराब होने से मजबूरी में सरकारी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ रहा है

जल्द ही सभी सुविधाएं शुरू हो जायेंगी

आइजीआइएमएस के निदेशक डॉ एनआर विश्वास ने बताया कि कोविड की वजह से लैप्रोस्कोपी तकनीक से ऑपरेशन की सुविधा बंद की गयी है. क्योंकि इससे संक्रमण होने का खतरा अधिक हो जाता है. हालांकि अब पटना सहित पूरे बिहार में केस कम हो गये हैं. अब 50 के बदले रोजाना 100 मरीजों का ओपीडी में इलाज हो रहा है. साथ ही ओपीडी में एंटीजन किट से कोविड जांच भी बंद कर दी गयी है. जल्द ही रूटीन ऑपरेशन भी शुरू हो जायेंगे़

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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