सुप्रीम कोर्ट से लालू प्रसाद को राहत, आयकर की जद से बाहर हुआ पटना का मॉल व धनौत का प्लॉट
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 06 Sep 2022 7:24 AM
सुप्रीम कोर्ट ने बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 की धारा 3 (2) को असंवैधानिक घोषित कर दिया है. देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले से बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार लालू परिवार को राहत मिली है. आयकर विभाग उनकी अरबों रुपये की करीब एक दर्जन संपत्तियों को जब्त नहीं कर सकेगा.
पटना. सुप्रीम कोर्ट ने बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 की धारा 3 (2) को असंवैधानिक घोषित कर दिया है. देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले से बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार लालू परिवार को राहत मिली है. आयकर विभाग उनकी अरबों रुपये की करीब एक दर्जन संपत्तियों को जब्त नहीं कर सकेगा. हालांकि, मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने जिन संपत्तियों को जब्त किया है, उन मामले में कार्रवाई पर कोई असर नहीं होगा. इडी ने 2018-19 में पीएमएलए कानून के अंतर्गत लालू परिवार की पटना से दिल्ली तक एक दर्जन से अधिक प्राॅपर्टी को जब्त किया है.
बेनामी संपत्ति वह प्रॉपर्टी है, जिसकी कीमत किसी और ने चुकायी हो लेकिन, नाम किसी दूसरे व्यक्ति का हो. जिसके नाम पर ऐसी संपत्ति खरीदी गयी होती है, उसे बेनामदार कहा जाता है. गणपति डीलकॉम मामले की सुनवाई करते हुए कोलकाता हाइकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त, 2022 को बेनामी संपत्ति (संशोधित) कानून 2016 को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था.
शीर्ष अदालत ने इस कानून की जिन धाराओं को रद्द किया गया है ,उनमें पांच सितंबर, 1988 से लेकर 25 अक्तूबर, 2016 के बीच खरीदी गयी बेनामी संपत्तियों के मामले में कार्रवाई नहीं होगी. 26 अक्तूबर 2016 से खरीदी गयी बेनामी संपत्ति पर ही इस कानून के तहत कार्रवाई हो सकेगी. इस तिथि से पहले खरीदी गयी बेनामी संपत्ति पर इस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की जायेगी. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी (पूर्व सीएम) तथा बेटी मीसा भारती (राज्यसभा सदस्य ) आदि के नाम वाली कई संपत्तियां बेनामी संपत्ति एक्ट के दायरे से बाहर आ गयी हैं.
इन संपत्तियों को आयकर विभाग ने 2017 से 2018 के बीच जब्त किया था. लालू प्रसाद की चर्चित संपत्ति पटना में एयरपोर्ट के समीप केंद्रीय विद्यालय के सामने स्थित गेस्ट हाउस, धनौत क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक प्लॉट तथा सगुना मोड़ इलाके में निर्माणाधीन मॉल की जमीन को आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति यूनिट (बीपीयू)ने जब्त कर लिया था. चूंकि ये संपत्ति 2016 से पहले खरीदी थीं इस कारण बीपीयू अब कार्रवाई नहीं कर सकेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने बेनामी संपत्ति (संशोधित) कानून, 2016 को लेकर जो आदेश दिया है उससे लोगों को बहुत बड़ी राहत मिल गयी है. 26 अक्तूबर 2016 के बाद खरीदी गयी बेनामी संपत्ति पर इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकेगी.
– शशांक शेखर सिन्हा, अधिवक्ता, पटना हाईकोर्ट
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