Raksha Bandhan 2026: किसी के भाई फौज में तो किसी ने भेजी हाथ से बनी राखी... मैथिली ठाकुर, चंदन तिवारी और आयशा ऐमन का जानिए कैसा रहेगा रक्षाबंधन

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प्रियंका सिंह ने मनाया रक्षाबंधन

रक्षाबंधन 2026 पर जानिए जानी-मानी हस्तियों के अनमोल किस्से. लोकगायिका चंदन तिवारी, प्रियंका सिंह, आयशा ऐमन और स्वाति मिश्रा कैसे मनाती हैं यह पावन पर्व और उनके खास अनुभव.

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Raksha Bandhan 2026 : रक्षाबंधन भाई-बहन के इस खास रिश्ते का उत्सव है, जो बचधन की अनगिनत वादों, प्यार, हंसी-मजाक और जीवनभर साथ निभाने के वादे से जुड़ा है. समय के साथ त्योहार मनाने के तरीके और परंपराएं भले बदल जाएं, लेकिन इस रिश्ते की भावनाएं हमेशा उतनी ही खास रहती है साक्षी का यह पर्व भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और अपनापन और बहरा करता है. इस खास मौके पर हमारे प्रदेश के जानी-मानी गायिका व सेलिब्रिटी ने भी रक्षाबंधन से जुडी अपनी वाटे और अनुभव साझा किए. उनके लिए राखी का यह त्योहार कितना खास है और कौन-सी बातें आज भी उनके दिल के करीब है, आइए जानते हैं.

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लोकगायिका चंदन तिवारी के लिए रक्षाबंधन का त्योहार महज एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन के सबसे भावुक और अनमोल पलों में से एक है. उनके घर में रक्षाबंधन का पर्व होली, दशहरा और दिवाली की तरह ही बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. उनके दो सगे छोटे भाई भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहे हैं. सरहद की सुरक्षा में तैनात होने के कारण इस बार एक भाई घर नहीं आ सका. गायिका बताती हैं कि छोटे भाई होने के नाते वे अपनी बड़ी बहन पर पूरा हक जमाते हैं और नोक-झोंक करते हैं. सगे भाइयों के अलावा, साथ रहने वाले मामा के दोनों बेटों पर भी उनका उतना ही अधिकार और प्यार है.

संगीत के सफर से चंदन तिवारी को मिले 30 बेशकीमती भाई

गायकी के सफर ने चंदन तिवारी को केवल पहचान दी, बल्कि देश-विदेश में कई ऐसे अनमोल भाई दिए, जिनसे उनका कोई पेशेवर नहीं बल्कि गहरा पारिवारिक रिश्ता है. गायिका हर रक्षाबंधन पर देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले करीब 30 भाइयों को राखियां भेजती हैं. इस तैयारी की खासियत यह है कि राखियां एक साल पहले से ही खरीदकर या किसी संस्था से बनवाकर रख ली जाती हैं, ताकि समय पर पहुंच सकें.

चंदन तिवारी
चंदन तिवारी

ऑनलाइन राखी भेजने के बजाय वे हर राखी के साथ अपने हाथों से लिखी एक भावुक पत्रनुमा कविता जरूर भेजती हैं. बिना किसी दिखावे के, इस अनमोल रिश्ते को वे बेहद निजी और संजोकर रखती हैं. देश के हर कोने से मिलने वाला यह प्यार ही उनकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी कमाई है.

दूरियों के बीच प्यार का एहसास और नन्हे बच्चों संग त्योहार की खुशी

लोकगायिका प्रियंका सिंह कहती हैं कि इस बार उनके दोनों भाई उनसे दूर हैं, जिसके चलते उन्होंने भाइयों के लिए राखी खरीदकर डाक से भेज दी है. हालांकि वे खुद उनकी कलाई पर राखी नहीं बांध पाएंगी, लेकिन उनका प्यार और अपनापन हमेशा उनके साथ रहेगा. मुंबई में कुछ छोटे बच्चे भी प्रियंका को अपनी बहन मानते हैं. उनके लिए उन्होंने खास तौर पर राखियां खरीदी हैं और उन्हें अपने हाथों से बांधकर त्योहार मनाएंगी. प्रियंका का मानना है कि रिश्ते सिर्फ खून के नहीं, बल्कि भावनाओं और अपनत्व से बनते हैं. अपनों के साथ खुशियां बांटना ही त्योहार की असली खूबसूरती है.

भाई के उज्ज्वल भविष्य की कामना और सरहद के रक्षकों को सलाम

अभिनेत्री आयशा ऐमन ने अपने भाई आदित्य राज के लिए मुंबई में खुद हाथों से मोतियों की राखी तैयार की और स्पीड पोस्ट से पटना भेजी. उनके भाई पटना हाईकोर्ट में वकालत करते हैं. दूरी की वजह से साथ न होने पर भी आयशा की प्रार्थनाएं भाई के साथ हैं और वे ईश्वर से उनके सफल करियर की कामना करती हैं.

आयशा ऐमन
आयशा ऐमन

इसके साथ ही, वे देश की सीमाओं पर तैनात सेना के जवानों के त्याग और समर्पण को नमन करती हैं. इस पावन मौके पर वे देश के रक्षकों की सलामती और सुरक्षित जीवन के लिए भी प्रार्थना करती हैं.

व्यस्तता के बीच बना रहता है स्नेह,जल्द आएगा भाइयों पर नया गीत

गायिका स्वाति मिश्रा कार्यक्रम के सिलसिले में गुजरात में थीं, लेकिन रक्षाबंधन के मौके पर मुंबई लौट आई हैं. उनके एक भाई हिमांशु मुंबई में रहते हैं, जबकि छपरा में रहने वाले दूसरे भाई दिव्यांश को उन्होंने पहले ही राखी डाक से भेज दी है. मुंबई में भी कई लोग उन्हें बहन मानते हैं, जिनकी कलाई पर वे राखी बांधेंगी. स्वाति का कहना है कि काम की व्यस्तता और दूरी भले ही आ जाए, लेकिन इस पावन रिश्ते की मिठास कभी कम नहीं होती. इस खास अवसर पर उन्होंने अपने भाइयों को समर्पित एक नया गाना भी तैयार किया है.

मां की यादों से जुड़ा रक्षाबंधन और भाई के प्रति मां जैसा दुलार

लोकगायिका वंदना सिन्हा के लिए रक्षाबंधन सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि मां की यादों और अपने भाई अंशु के प्रति कर्तव्यों का प्रतीक है. मां के जाने के बाद से हर त्योहार में उनकी कमी खलती है, इसलिए बड़ी बहन होने के नाते वे भाई के लिए बहन के साथ-साथ मां की जिम्मेदारी भी निभाती हैं. वे हर साल अपने हाथों से भाई के लिए खुद राखी तैयार करती हैं. उनके लिए राखी का धागा प्यार, सुरक्षा और जीवनभर साथ निभाने का पक्का संकल्प है. वे ईश्वर से अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं.

पारिवारिक जुड़ाव का सबसे भावुक पल और भरोसे का अटूट विश्वास

मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर हर साल अपने दोनों भाइयों, ऋषभ और अयाची ठाकुर को राखी बांधती हैं. वे मानती हैं कि राखी बांधते वक्त मन में भाइयों की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और तरक्की की भावना सबसे ऊपर होती है. शेड्यूल कितना भी व्यस्त क्यों न हो, रक्षाबंधन का पूरा दिन परिवार के साथ बिताना उनकी पहली प्राथमिकता रहती है. मैथिली के लिए भाइयों की कलाई पर राखी बांधना बेहद भावुक पल होता है. यह पर्व जीवन भर एक-दूसरे पर अटूट भरोसा रखने और प्यार का एहसास कराने का सबसे सुंदर अवसर है.


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