पटना में कार वालों से 18.6 करोड़ वसूली, ट्रैफिक पुलिस पर उठे सवाल
AI द्वारा बनाया गया सांकेतिक तस्वीर
Patna Traffic Police: पटना की सड़कों पर हर दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम की असली वजह क्या है? जहां एक ओर लाखों लोग परेशान हैं, वहीं ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. जानिए कार चालकों पर ज्यादा कार्रवाई क्यों हुई.
Patna Traffic Police : पटना की सड़कों पर हर दिन लाखों लोग ट्रैफिक जाम की परेशानी झेलते हैं. सुबह और शाम के समय प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें आम हो चुकी हैं. आम लोगों का मानना है कि सड़क के बीच ऑटो और ई-रिक्शा द्वारा सवारी चढ़ाने-उतारने से जाम की स्थिति सबसे अधिक बनती है. इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के आंकड़े अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं.
Patna Traffic Police Data: कार चालकों पर ज्यादा कार्रवाई
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पटना ट्रैफिक पुलिस ने मोटर कार (एलएमवी) श्रेणी में 89,462 चालान काटे और 14.61 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला. वहीं, तीन पहिया वाहनों के 87,889 चालान काटे गए, जिनसे 8.17 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.
साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में भी यही रुझान देखने को मिला. इस दौरान कार चालकों से 26,654 चालानों के माध्यम से 3.99 करोड़ रुपये वसूले गए, जबकि तीन पहिया वाहनों से 22,378 चालानों के जरिए 1.98 करोड़ रुपये का जुर्माना लिया गया.
Traffic Experts: केवल चालान से नहीं सुधरेगी व्यवस्था
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चालान काटने से ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. उनका मानना है कि ऑटो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्टैंड का सख्ती से पालन कराया जाए तथा नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के परमिट रद्द किए जाएं. इससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार संभव है.
अवैध ई-रिक्शा पर कार्रवाई, लेकिन स्थायी समाधान अभी बाकी
हाल के दिनों में पटना ट्रैफिक पुलिस ने अवैध ई-रिक्शा के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है. ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन और दीर्घकालिक योजना जरूरी है.
शहरवासियों की उम्मीद
पटना के लोगों का मानना है कि ट्रैफिक जाम की वास्तविक वजहों पर प्रभावी कार्रवाई होने से ही राहत मिल सकेगी. यदि ऑटो और ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित किया जाए और सड़क पर अनुशासन सुनिश्चित हो, तो राजधानी की यातायात व्यवस्था पहले से अधिक सुगम बन सकती है.
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