पटना: कोर्ट के मामलों के निपटारे में लापरवाही पर पटना सिटी सीओ को शो-कॉज, सहयोग पोर्टल के आवेदनों में देरी पर 17 अफसरों को नोटिस

Author Vikash Jha
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कुंदन कुमार, आईएएस | Prabhat Khabar Network

पटना के जिलाधिकारी ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया है. सहयोग पोर्टल पर लंबित आवेदनों और कोर्ट केसों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले 17 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पटना सिटी के सीओ से भी जवाब-तलब किया गया है.

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Patna News: पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और विकासात्मक योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. डीएम ने सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निपटारा नहीं करने वाले 17 पदाधिकारियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है. वहीं, कोर्ट से जुड़े मामलों के निष्पादन में लापरवाही बरतने पर पटना सिटी के अंचलाधिकारी (सीओ) से भी जवाब-तलब करने का निर्देश दिया है.

सहयोग पोर्टल पर 1329 मामले लंबित, 30 दिनों में निष्पादन का अल्टीमेटम

समीक्षा के दौरान डीएम ने बताया कि सहयोग पोर्टल पर अब तक प्राप्त कुल 23,262 आवेदनों में से 21,933 का निष्पादन किया जा चुका है. फिलहाल लंबित 1,329 आवेदनों में सबसे अधिक 401 मामले पटना सदर के हैं. विभागीय स्तर पर देखें तो सबसे ज्यादा 355 मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पास लंबित हैं. डीएम ने सख्त निर्देश दिया कि सहयोग पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का हर हाल में 30 दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए.

पटना सिटी में CWJC के सबसे ज्यादा केस पेंडिंग, दाखिल-खारिज में दानापुर आगे

बैठक में पाया गया कि पटना सिटी अंचल में सीडब्ल्यूजेसी (CWJC) के सर्वाधिक 37 मामले लंबित हैं, जिन पर सीओ द्वारा रुचि न लेने के कारण शो-कॉज का निर्देश दिया गया. डीएम ने महत्वपूर्ण मामलों का सिनॉप्सिस तैयार कर सरकारी अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर मामलों को निष्पादित कराने को कहा.

दूसरी ओर, दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की समीक्षा में सामने आया कि दानापुर अनुमंडल में सर्वाधिक 7,528 और पटना सदर अनुमंडल में 7,247 मामले लंबित हैं. सभी एसडीओ और डीसीएलआर को इन मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया.

निवेशकों को जल्द मिलेगा क्लियरेंस, आर्द्र भूमियों से हटेगा अतिक्रमण

उद्योग एवं व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए डीएम ने जिला स्तर की 43 प्रकार की सेवाओं का निपटारा पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध करने का निर्देश दिया, ताकि निवेशकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. इसके अतिरिक्त, जिले की झीलों, चौरों, ताल-तलैया जैसी आर्द्र भूमियों (Wetlands) के संरक्षण के लिए सीमांकन कराने, मिट्टी भराई व स्वामित्व परिवर्तन पर रोक लगाने और अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए. बैठक में डीडीसी शुभम कुमार समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे.


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विकाश झा

लेखक के बारे में

By विकाश झा

विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.

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