पटना के पालीगंज व्यवहार न्यायालय में थानों का पुनर्वितरण, बिक्रम समेत पांच थानों के मामले अब एसीजेएम-1 कोर्ट में होंगे

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सांकेतिक तस्वीर

पालीगंज व्यवहार न्यायालय के नए भवन में न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन के लिए थानों का पुनर्वितरण किया गया है. बिक्रम, पालीगंज समेत पांच थानों की जिम्मेदारी एसीजेएम-1 रवि पांडे को सौंपी गई है. इस नई व्यवस्था से न्यायिक मामलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद है.

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पालीगंज से सिकंदर की रिपोर्ट

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पालीगंज व्यवहार न्यायालय के नए भवन में न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पटना ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है. आदेश के तहत पालीगंज अनुमंडल के विभिन्न थानों से जुड़े पुलिस मामलों की सुनवाई के लिए न्यायिक अधिकारियों के बीच थानों का पुनर्वितरण किया गया है.

बिक्रम समेत पांच थानों की जिम्मेदारी एसीजेएम-1 रवि पांडे को मिली

जारी आदेश के अनुसार, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-I सह एसीजेएम-1 रवि पांडे को बिक्रम, पालीगंज, खिरीमोड़, पिपरपुरा टॉप और इमामगंज टॉप थाना क्षेत्र से संबंधित मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अब इन थानों से जुड़े सभी न्यायिक मामलों की प्रक्रिया एसीजेएम-1 कोर्ट में संचालित होगी.

तीन थाना क्षेत्रों के मामलों की जिम्मेदारी नदीम अहमद को

वहीं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (कोर्ट संख्या-1) नदीम अहमद को दुल्हिन बाजार, रानी तालाब और सिगोरी थाना क्षेत्र से संबंधित मामलों की जिम्मेदारी दी गई है. इससे अलग-अलग थाना क्षेत्रों के मामलों के निष्पादन में सुविधा मिलने की उम्मीद है.

15 दिनों में लंबित रिकॉर्ड नए न्यायालयों में होंगे हस्तांतरित

प्रशासनिक आदेश में दानापुर व्यवहार न्यायालय को निर्देश दिया गया है कि संबंधित थानों के लंबित एफआईआर, चार्जशीट और अन्य न्यायिक अभिलेख 15 दिनों के भीतर नव आवंटित न्यायालयों को उपलब्ध कराए जाएं. इसके साथ ही सभी जरूरी रजिस्टर और दस्तावेज भी संबंधित न्यायिक अधिकारियों को सौंपने का निर्देश दिया गया है.

मामलों के त्वरित निष्पादन में मिलेगी मदद

वरिष्ठ अधिवक्ता राम नाथ प्रसाद ने बताया कि न्यायिक प्रशासन की इस व्यवस्था से नए भवन में न्यायिक कार्यों का संचालन आसान होगा. थानों का पुनर्वितरण होने से मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और न्यायिक प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी.

14 जुलाई 2026 से लागू हुआ नया आदेश

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा जारी यह आदेश 14 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. न्यायालय प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से आम लोगों को भी न्यायिक कार्यों में बेहतर सुविधा मिलेगी.


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