बिहार के इस जिले से 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर अपराधियों तक पहुंच रहे थे सिम,180 नंबरों का खुलासा, चार गिरफ्तार
सांकेतिक तस्वीर. (AI Generated Image)
Nalanda Cybercrime SIM Network : साइबर अपराधियों को सिम कार्ड सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पटना और नालंदा पुलिस ने खुलासा किया है. इस कार्रवाई में 4 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनके पास से 180 से अधिक संदिग्ध सिम कार्ड बरामद हुए हैं. इन सिम का इस्तेमाल देश के 24 राज्यों में 250 से ज्यादा साइबर अपराध की घटनाओं में हुआ है, जिसमें 65 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी रिपोर्ट की गई है.
Nalanda Cybercrime SIM Network : पटना और नालंदा की साइबर पुलिस ने साइबर अपराधियों को सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक नेटवर्क का खुलासा किया है. संयुक्त कार्रवाई में दो POS एजेंट समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है. जांच में 180 से अधिक संदिग्ध सिम मिले, जिनसे देश के करीब 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 250 से ज्यादा साइबर अपराध की शिकायतें जुड़ी पायी गयीं. पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य भी जब्त किये हैं.
नालंदा में साइबर सिम नेटवर्क का खुलासा
साइबर अपराधियों को सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क का साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई पटना और नालंदा साइबर थाने की संयुक्त टीम ने खुलासा किया है. पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो POS एजेंट समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल यानी NCRP पर दर्ज शिकायतों और तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद की गयी.
180 से अधिक संदिग्ध सिम मिले
जांच के दौरान सोहसराय थाना क्षेत्र के खासगंज स्थित निर्मल टेलीकॉम और जलालपुर स्थित अरव टेलीकॉम से जारी 180 से अधिक सिम पुलिस की जांच में संदिग्ध मिले. इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों में पाया गया.
24 राज्यों में साइबर शिकायतों से कनेक्शन
पुलिस के अनुसार, इन संदिग्ध सिम से देश के करीब 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 250 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें जुड़ी मिली हैं. इनमें बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्य शामिल हैं.
65.64 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी रिपोर्ट
NCRP रिकॉर्ड के विश्लेषण में सामने आया कि इन सिम कार्डों से जुड़ी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में 65.64 लाख रुपये से अधिक की रकम रिपोर्ट की गयी है. पुलिस अब इन मामलों में सिम के इस्तेमाल और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
चार आरोपित गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान निर्मल टेलीकॉम के संचालक अभिनव कुमार उर्फ दीपू, अरव टेलीकॉम के संचालक बॉबी कश्यप के अलावा विनय पासवान और अनुज कुमार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सभी आरोपितों से पूछताछ शुरू कर दी है.
मोबाइल और KYC दस्तावेज जब्त
पुलिस टीम ने आरोपितों के पास से मोबाइल फोन, सक्रिय सिम कार्ड और सिम जारी करने से जुड़े CAF, KYC समेत अन्य दस्तावेज बरामद किये हैं. जांच टीम ने डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किये हैं, जिनका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है.
सिम सप्लायरों तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस की जांच अब केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं है. टीम सिम सप्लायरों, POS एजेंटों, वास्तविक उपयोगकर्ताओं और संबंधित बैंक खातों के बीच की कड़ियों को खंगाल रही है. इससे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है.
नालंदा साइबर थाने में केस दर्ज
मामले में नालंदा साइबर थाना कांड संख्या 213/26 दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले में अनुसंधान जारी रखा है. तकनीकी साक्ष्यों और NCRP पर दर्ज शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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