पटना: 1.50 लाख संपत्तियों पर ₹80 करोड़ का टैक्स बकाया, बिजली कनेक्शन से खुलेगा राज, 4000 अपार्टमेंट्स की होगी जांच

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राजस्व संवर्धन को लेकर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक

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Patna Property Tax : पटना नगर निगम शहर की सभी संपत्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में लाने के लिए एक बड़े अभियान पर है. बिजली विभाग के डेटा का उपयोग करते हुए, निगम 1.50 लाख संपत्तियों पर 80 करोड़ रुपये के बकाया टैक्स की वसूली पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. इसमें 689 बड़े बकाएदारों पर कार्रवाई तेज की जाएगी.

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Patna Property Tax : पटना नगर निगम ने शहर की सभी संपत्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में लाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है. इसके लिए बिजली विभाग से मिले छह लाख उपभोक्ताओं के डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है. निगम का कंट्रोल रूम रोजाना उपभोक्ताओं से संपर्क कर उनकी संपत्ति के टैक्स की स्थिति की जांच कर रहा है.

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तीन विशेष टीमों को 15 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश

गुरुवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान को लेकर तीन विशेष टीमें गठित की गयीं. तीनों टीमों को 15 दिनों के भीतर अपना काम पूरा कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सीधे कार्रवाई की जायेगी.

1.50 लाख संपत्तियों पर करीब 80 करोड़ रुपये का बकाया

नगर निगम क्षेत्र में करीब 1.50 लाख संपत्तियों पर लगभग 80 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है. इनमें 689 ऐसे बड़े बकायेदार हैं, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक की देनदारी है. निगम अब इन बकायेदारों से वसूली के लिए व्यक्तिगत संपर्क और फोन के माध्यम से कार्रवाई तेज करेगा.

नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाएगी पहली टीम

पहली विशेष टीम का काम ऐसी नई संपत्तियों की पहचान करना है, जो अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में नहीं आयी हैं. बिजली उपभोक्ताओं के डेटा से मिली जानकारी के आधार पर ऐसी संपत्तियों की जांच की जायेगी और पात्र संपत्तियों को टैक्स के दायरे में जोड़ा जायेगा.

चार हजार से अधिक अपार्टमेंट का होगा री-असेसमेंट

दूसरी टीम पुरानी संपत्तियों के टैक्स का री-असेसमेंट करेगी. इसके साथ ही निगम क्षेत्र के चार हजार से अधिक अपार्टमेंट और व्यावसायिक भवनों की भी जांच होगी. कई जगह एक ही भवन के अलग-अलग फ्लैटों का टैक्स सड़क की अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर तय किये जाने की जानकारी सामने आयी है.

क्षेत्रफल और वास्तविक उपयोग के आधार पर तय होगा टैक्स

राजस्व अधिकारी संपत्ति के वास्तविक क्षेत्रफल, सड़क की श्रेणी और भवन के वास्तविक उपयोग के आधार पर टैक्स का री-असेसमेंट करेंगे. जांच में टैक्स निर्धारण में बदलाव की जरूरत मिलने पर संबंधित संपत्ति के पीआइडी को अपडेट किया जायेगा. इससे संपत्ति कर की गणना को अधिक सटीक बनाने का प्रयास किया जायेगा.

मॉल और अस्पतालों की मौके पर होगी जांच

मॉल, निजी अस्पताल, बैंक्वेट हॉल और मार्केट कॉम्प्लेक्स जैसे बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के टैक्स का सत्यापन टाउन प्लानर और आर्किटेक्ट की टीम करेगी. टीम मौके पर जाकर वास्तविक निर्मित क्षेत्रफल और भवन के उपयोग की जांच स्वीकृत नक्शे के आधार पर करेगी.

नक्शे से अधिक निर्माण मिला तो होगी कार्रवाई

जांच के दौरान स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण, बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन या स्व-मूल्यांकन में गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. निगम का उद्देश्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में संपत्ति कर निर्धारण की वास्तविक स्थिति सामने लाना है.

689 बड़े बकायेदारों पर भी कसेगा शिकंजा

तीसरी टीम का जिम्मा एक लाख रुपये से अधिक के 689 बड़े बकायेदारों से टैक्स वसूलने का है. निगम की ओर से इन बकायेदारों से व्यक्तिगत संपर्क और फोन के माध्यम से वसूली की जायेगी. जरूरत पड़ने पर बकाया राशि की वसूली के लिए वैधानिक कदम भी उठाये जायेंगे.

अंचलवार कितना है संपत्ति कर का बकाया

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार पाटलिपुत्र अंचल में करीब 36 हजार संपत्तियों पर 18.71 करोड़ रुपये का बकाया है. नूतन राजधानी अंचल में 26 हजार संपत्तियों पर 17.55 करोड़ रुपये, कंकड़बाग में 23 हजार संपत्तियों पर 13 करोड़ रुपये और बांकीपुर में 20 हजार संपत्तियों पर 10.88 करोड़ रुपये बकाया है.

अजीमाबाद और पटना सिटी में भी करोड़ों का बकाया

अजीमाबाद अंचल में करीब 28 हजार संपत्तियों पर 10.63 करोड़ रुपये और पटना सिटी अंचल में 17 हजार संपत्तियों पर करीब नौ करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है. निगम अब इन सभी क्षेत्रों में बकाया वसूली और टैक्स के दायरे से बाहर संपत्तियों की पहचान पर विशेष जोर दे रहा है.

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