पटना सहित पूरे बिहार में आज बैंक हड़ताल, 3000 शाखाओं पर लगेगा ताला, 63 हजार कर्मी शामिल, जानें क्या हैं मांगें

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बिहार में बैंक हड़ताल (सांकेतिक तस्वीर)

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Bihar Bank Strike : बिहार के बैंक कर्मचारी आज एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं, जिससे राज्य भर की करीब 3000 सार्वजनिक और निजी बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होगा. 63 हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी इस हड़ताल में शामिल हैं, जिनकी मुख्य मांगें पांच दिन का कार्य दिवस और अन्य लंबित मुद्दे हैं.

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Bihar Bank Strike : पटना समेत पूरे बिहार में शुक्रवार को बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने वाला है. सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करने समेत लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे. हड़ताल के कारण राज्य की करीब 3000 सार्वजनिक और निजी बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होगा. संगठन के अनुसार, करीब 63 हजार कर्मचारी और अधिकारी इस हड़ताल में शामिल होंगे.

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3000 बैंक शाखाओं में आज प्रभावित रहेगा कामकाज

बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुक्रवार को होगी. इसके चलते बिहार की करीब 3000 सार्वजनिक और निजी बैंक शाखाओं में सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने की बात कही गयी है. हड़ताल में करीब 63 हजार कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे.

पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मुख्य मांग

बैंक कर्मचारी और अधिकारी सप्ताह में पांच दिन की कार्य प्रणाली लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर पहले भी सहमति बनी थी, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है.

2015 के समझौते में शनिवार को लेकर बनी थी सहमति

स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अमरेश विक्रमादित्य के अनुसार, मई 2015 में हुए समझौते के तहत दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया था. इसके साथ ही अन्य शनिवारों को पूर्ण कार्य दिवस रखने और उचित समय पर सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने का आश्वासन दिया गया था.

मार्च 2024 के वेतन समझौते में फिर बनी सहमति

उन्होंने बताया कि मार्च 2024 के वेतन समझौते में शेष शनिवारों को भी अवकाश देने पर सहमति बनी. इसके बदले कर्मचारियों ने सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति जतायी. इसके लिए वित्त मंत्रालय को अनुशंसा भी भेजी जा चुकी है.

ढाई साल से अधिक समय बाद भी मामला लंबित

बैंक कर्मचारी संगठन का कहना है कि वित्त मंत्रालय को अनुशंसा भेजे जाने के बावजूद ढाई वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी सभी शनिवारों को अवकाश देने का मामला लंबित है. इसी मुद्दे समेत अन्य मांगों को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों में नाराजगी है.

भर्ती और पेंशन से जुड़ी मांगें भी लंबित

बैंक कर्मचारियों की ओर से पर्याप्त क्लेरिकल और सब-स्टाफ की भर्ती की मांग भी उठायी जा रही है. इसके अलावा एनपीएस को ओपीएस में बदलने, पेंशन उन्नयन और पेंशन पर महंगाई भत्ता में सुधार जैसी मांगें भी लंबित बतायी गयी हैं.

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा बीमा की मांग

संगठन ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा बीमा का प्रीमियम बैंक की ओर से वहन करने की मांग भी रखी है. इसके साथ ही लीव बैंक समेत कई अन्य मांगों को भी आंदोलन का हिस्सा बताया गया है.

सुलह बैठक में नहीं बन सका समझौता

8 और 9 सितंबर को मुख्य श्रम आयुक्त की मध्यस्थता में सुलह बैठक हुई. इसमें वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए, लेकिन बैठक में किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद बैंक कर्मचारी और अधिकारी शुक्रवार की सांकेतिक हड़ताल पर जा रहे हैं.

26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कही है. ऐसे में सरकार और बैंक संगठनों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालना अहम होगा.

ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर

एक दिवसीय हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में आमने-सामने होने वाली कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम जैसी सेवाओं पर असर संबंधित बैंक और सेवा व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.

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