पटना आयकर विभाग में रिश्वत लेते महिला असिस्टेंट कमिश्नर गिरफ्तार, क्लर्क भी धराया, CBI की कार्रवाई
रिश्वत लेते हुए सांकेतिक तस्वीर
Patna Income Tax Department Bribery Case : पटना में आयकर विभाग में एक बड़ी कार्रवाई हुई है, जहां असिस्टेंट कमिश्नर सुनंदा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है. यह मामला एक एनजीओ के प्रमाणपत्र से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने क्लर्क के माध्यम से रिश्वत स्वीकार की.
Patna Income Tax Department Bribery Case : पटना में आयकर विभाग के कार्यालय में सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने गुरुवार को कथित तौर पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते आयकर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर सुनंदा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया. रिश्वत की रकम स्वीकार करने में सहयोग करने वाले विभाग के एक क्लर्क को भी पकड़ा गया है. मामला एक एनजीओ के 12ए और 80जी प्रमाणपत्र से जुड़ा बताया जा रहा है.
पटना आयकर कार्यालय में CBI का ट्रैप
सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने पटना स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में ट्रैप की कार्रवाई की. एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गयी, जिसमें आयकर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था.
15 हजार रुपये की पहली किस्त लेते पकड़ी गयीं
शिकायत के मुताबिक, श्रवण ज्योति विवेकानंद संस्थान नामक एनजीओ ने आयकर विभाग में 12ए और 80जी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था. आरोप है कि प्रमाणपत्र जारी करने के बदले असिस्टेंट कमिश्नर ने संस्थान के प्रतिनिधि से 75 हजार रुपये की मांग की थी. इसी रकम में से 15 हजार रुपये पहली किस्त के रूप में देने की बात कही गयी थी.
शिकायत के बाद सीबीआइ ने कराया सत्यापन
संस्थान के प्रतिनिधि ने कथित रिश्वत मांगने की जानकारी सीबीआइ को दी. इसके बाद एजेंसी ने शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाए जाने के बाद सीबीआइ ने ट्रैप की कार्रवाई की.
क्लर्क के जरिए स्वीकार की गयी रकम
सीबीआइ की कार्रवाई के दौरान महिला अधिकारी ने कथित तौर पर 15 हजार रुपये की रकम विभाग के एक क्लर्क के माध्यम से स्वीकार की. इसके बाद एजेंसी ने असिस्टेंट कमिश्नर सुनंदा और रिश्वत की रकम लेने में सहयोग करने वाले क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया.
दोनों आरोपितों को पूछताछ के लिए ले गयी CBI
गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ दोनों आरोपितों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गयी. एजेंसी अब पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
क्या पहले भी हुई है ऐसी लेनदेन की जांच
सीबीआइ यह पता लगाने में जुटी है कि प्रमाणपत्र जारी करने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने का यह मामला अकेला है या इससे पहले भी इस तरह के लेन-देन हुए हैं. एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और विभागीय प्रक्रिया की भी जांच कर रही है.
अन्य NGO संचालकों को परेशान करने का भी दावा
शिकायतकर्ता ने महिला अधिकारी पर कुछ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं. उनका दावा है कि बिहार के अलग-अलग जिलों से आने वाले एनजीओ संचालकों को प्रमाणपत्र और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर परेशान किया जाता था. इन आरोपों की भी जांच की जा रही है.
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