Bihar Politics: बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति और दही-चूड़ा भोज का रिश्ता पुराना रहा है. हर साल यह भोज सिर्फ त्योहार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके जरिए सियासी संकेत भी दिए जाते हैं. इस बार भी दही-चूड़ा भोज ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है. खासकर कांग्रेस विधायकों की टूट को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं.
मकर संक्रांति के मौके पर पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय में भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था. लेकिन इस कार्यक्रम में कांग्रेस का एक भी विधायक शामिल नहीं हुआ. इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि कांग्रेस के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है. कयास लगाए जाने लगे कि पार्टी के विधायक नाराज हैं और वे इधर-उधर जा सकते हैं.
कांग्रेस विधायकों में टूट पर चेतन आनंद क्या बोले?
इसी बीच जदयू विधायक और आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद के बयान ने सियासी माहौल और गर्मा दिया. दही-चूड़ा भोज के दौरान मीडिया से बातचीत में चेतन आनंद ने कहा कि अगर कांग्रेस विधायकों से अच्छे तरीके से बातचीत की जाए तो वे जदयू में आ सकते हैं. उनके इस बयान को कांग्रेस में टूट के संकेत के तौर पर देखा जाने लगा.
कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने क्या कहा?
हालांकि, इन सभी अटकलों को कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बिहार कांग्रेस के विधायकों की टूट की अफवाहें बनाना कोई नई बात नहीं है. यह बातें 2020 से लेकर 2025 तक लगातार कही जा रही हैं. उन्होंने कहा कि किसी के चाहने से कांग्रेस में टूट नहीं होने वाली है.
अखिलेश सिंह ने एनडीए नेताओं पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो भी नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं, उन्हें “छपास की बीमारी” है. उन्होंने कहा कि सिर्फ खबरों में बने रहने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं. इसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है.
कांग्रेस के दही-चूड़ा भोज में नहीं शामिल हुए थे विधायक
कांग्रेस कार्यालय के दही-चूड़ा भोज में विधायकों के शामिल न होने पर भी अखिलेश सिंह ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक 200 से 300 किलोमीटर दूर के इलाकों से आते हैं. कोई भी इतनी दूरी सिर्फ चूड़ा-दही खाने के लिए नहीं आता. इसे नाराजगी से जोड़ना गलत है.
विधायक दल के नेता के चुनाव पर क्या बोले सांसद
कांग्रेस विधायक दल के नेता के चुनाव को लेकर भी सवाल उठे. इस पर अखिलेश सिंह ने कहा कि CLP का चुनाव जल्द हो जाएगा. विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है. सही समय पर फैसला लिया जाएगा. इसमें किसी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं है.
सीएम की समृद्धि यात्रा पर क्या बोले अखिलेश सिंह?
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित समृद्धि यात्रा पर भी अखिलेश सिंह ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यात्रा पर निकलना अच्छी बात है. लेकिन बिहार आज भी प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश का सबसे पिछड़ा राज्य है. बिहार को समृद्ध बनाने के लिए जमीन पर काम करने की जरूरत है. सिर्फ घूमने से हालात नहीं बदलेंगे.
कुल मिलाकर इस बार का दही-चूड़ा भोज एक बार फिर बिहार की राजनीति में बड़े सियासी संदेश और बयानबाजी का मंच बन गया है. कांग्रेस में टूट की चर्चाओं और उस पर आए जवाबों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है.
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