ePaper

जीविका गोधन केंद्र स्थापित किया जायेगा : श्रवण कुमार

Updated at : 12 Sep 2025 1:41 AM (IST)
विज्ञापन
जीविका गोधन केंद्र स्थापित किया जायेगा : श्रवण कुमार

ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कहा है कि बिहार में बेसहारा गोवंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए जीविका के माध्यम से शुरू योजना शुरू की जायेगी.

विज्ञापन

संवाददाता, पटना ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कहा है कि बिहार में बेसहारा गोवंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए जीविका के माध्यम से शुरू योजना शुरू की जायेगी. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जीविकोपार्जन के नये अवसर खुलेंगे. इसके लिए राज्य सरकार ने बिहार जीविका गोधन संरक्षण एवं प्रबंधन योजना को स्वीकृति प्रदान की है. इस योजना को राज्य के सभी प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि पशुपालक किसानों द्वारा उपयोगिता समाप्त हो जाने पर गोवंशीय पशुओं को बेसहारा छोड़ दिया जाता है. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक जिले के मुख्यालय के निकट एक प्रखंड का चयन कर जीविका गोधन केंद्र स्थापित किया जायेगा. इसके लिए पांच एकड़ भूमि जिला पदाधिकारी द्वारा चिन्हित की जायेगी और मनरेगा के माध्यम से आधारभूत संरचना विकसित की जायेगी. इसमें चाहरदीवारी, न्यूनतम 100 पशुओं के लिए शेड, चारा गृह, छोटा तालाब और छायादार वृक्ष लगाने जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी. जीविका दीदियां जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग के सहयोग से बेसहारा गोवंशीय पशुओं को चिन्हित कर केन्द्र पर लायेंगी और उनका उचित प्रबंधन करेंगी. प्रत्येक पशु का इयर टैगिंग कर उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जायेगा. जीविका समूह इन पशुओं की चारा-पानी सहित देखभाल एवं केन्द्र संचालन की जिम्मेदारी निभायेंगे. मिलेगा अनुदान इसके लिए प्रति पशु प्रतिदिन 50 रुपये की दर से अनुदान दिया जायेगा. साथ ही प्रत्येक गोधन केन्द्र को न्यूनतम छह लाख रुपये प्रतिवर्ष प्रबंधन खर्च और तीन लाख रुपये रख-रखाव, परिवहन एवं विद्युत आदि व्यय के लिए उपलब्ध कराये जायेंगे. पेयजल एवं विद्युत की व्यवस्था के लिए एक लाख रुपये प्रतिवर्ष अनुदान दिया जायेगा. इस योजना के प्रथम चरण में कुल दस करोड़ तिहत्तर लाख पचास हजार रुपये का खर्च अनुमानित है. इसका वहन महिला सशक्तिकरण से संबंधित बजट शीर्ष से किया जायेगा. आवश्यकता पड़ने पर विभाग द्वारा वित्त विभाग की सहमति से राशि में वृद्धि की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAKESH RANJAN

लेखक के बारे में

By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन