कहां है आपका कोच? अब ट्रेन के आने से आधे घंटे पहले मिलेगी जानकारी, इन स्टेशनों पर होगी सुविधा
रेलवे स्टेशन (सांकेतिक तस्वीर)
Indian Railway: पटना जंक्शन, पाटलिपुत्र स्टेशन समेत अन्य स्टेशनों पर यात्रियों को नई सुविधा मिलने वाली है. अब ट्रेन के आने से आधे घंटे पहले ही पता चल जाएगा कि आपका कोच कहां लगेगा. यह सुविधा मिलने से स्टेशनों पर भागदौड़ की स्थिति नहीं झेलनी पड़ेगी.
Indian Railway: अगर आपको भी अक्सर ट्रेन पकड़ने के लिए आखिरी समय में प्लेटफॉर्म पर अपने कोच की तलाश में भागना पड़ता है, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है. अब पटना जंक्शन समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेन आने से करीब 30 मिनट पहले ही कोच की पूरी जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर दिखाई देगी. इससे यात्रियों को समय रहते अपने कोच तक पहुंचने में आसानी होगी और अनावश्यक भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा.
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NTES ऐप से जुड़ेगा कोच डिस्प्ले सिस्टम
रेलवे इसके लिए स्टेशनों पर नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) आधारित कोच डिस्प्ले सिस्टम लगाने जा रहा है. इस नई व्यवस्था को NTES ऐप से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री अपने कोच की सही स्थिति की जानकारी ले सकेंगे. रेलवे ने इस परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है और सबसे पहले इसकी शुरुआत पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से होगी.
पहले कितना मिलता था समय?
वर्तमान व्यवस्था की बात करें तो, ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से महज 8 से 10 मिनट पहले कोच की जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर दिखाई जाती है. कम समय मिलने के कारण यात्रियों, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है. इतना ही नहीं, कई बार तो जल्दबाजी में गलत कोच की ओर चले जाने या भीड़ के कारण ट्रेन छूटने जैसी स्थिति भी बन जाती है.
इन स्टेशनों पर मिलेगी सुविधा
नई योजना के तहत पटना जंक्शन, दानापुर, पाटलिपुत्र और राजेंद्र नगर टर्मिनल के सभी प्लेटफॉर्म पर लगे कोच गाइडेंस सिस्टम को नेशनल इंक्वायरी सिस्टम से जोड़ने की कवायद शुरू हो रही है. पहले फेज में छोटे स्टेशनों पर दो और बड़े स्टेशनों पर चार प्लेटफॉर्म पर नए डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे. इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है.
यात्रियों को मिलेगी सुविधा
जानकारी के अनुसार, अधिकांश स्टेशनों पर लगे मौजूदा कोच डिस्प्ले सिस्टम 10 साल से अधिक पुराने हो चुके हैं, जबकि उनकी निर्धारित कैपेसिटी आठ साल की होती है. ऐसे में नए और मॉडर्न सिस्टम के लागू होने से यात्रियों को अधिक सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी. इससे यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है.
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