Patna News : पीएमसीएच में कूल्हे और घुटने का प्रत्यारोपण फ्री

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Patna News : पीएमसीएच में कूल्हे और घुटने का प्रत्यारोपण फ्री

पीएमसीएच में कूल्हे व घुटना प्रत्यारोपण वाले मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुफ्त में इलाज करने का प्रावधान किया गया है.

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संवाददाता, पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में इलाज कराने आ रहे कूल्हे व घुटना प्रत्यारोपण वाले मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुफ्त में इलाज करने का प्रावधान जारी किया गया है. लेकिन जागरूकता के अभाव में मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं. इसको लेकर अब विभाग ने इलाज पद्धति में कई नये बदलाव व सुविधाओं का विस्तार करने का फैसला लिया है. विभाग के निर्देश पर अब पीएमसीएच के हड्डी रोग विभाग के साथ-साथ ओपीडी व परिसरों में बीपीएल कार्डधारी या जिनकी आय एक लाख रुपये से कम है. उनको 1 लाख से 1.6 लाख रुपये की राशि दी जाती है. वहीं अस्पताल में होने वाले फ्री में प्रत्यारोपण के प्रचार-प्रसार के लिए अब होर्डिंग लगाकर सूचनाएं प्रसारित की जायेंगी. साथ ही अलग से एक टोलफ्री नंबर भी जारी होगा, जिससे मरीज अपनी समस्या या अन्य जानकारी के लिए संबंधित नंबर पर फोन कर सकते हैं. इसको लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से जल्द कवायद शुरू होने जा रही है. वहीं जानकारों का कहना है कि पीएमसीएच के अलावा प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल जहां कूल्हा व घुटनों का प्रत्यारोपण हो रहा है या भविष्य में होने की तैयारी चल रही है, वहां भी अनुदान राशि के तहत मरीजों का नि: शुल्क इलाज के लिए निर्देश जारी किया गया है. अनुदान की राशि देता है स्वास्थ्य विभाग पीएमसीएच में इलाज कर रहे हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों के अनुसार बड़े प्राइवेट अस्पतालों में प्रत्यारोपण का खर्च बहुत अधिक है. करीब पांच से छह लाख रुपये तक खर्च आता है. जबकि पीएमसीएच में जिनकी वार्षिक एक लाख रुपये से कम है, या जो बीपीएल कार्ड धारी हैं, उन्हें पीएमसीएच में प्रत्यारोपण कराने पर अनुदान मिलता है. पीएमसीएच में हड्डी विभाग में प्रत्यारोपण वर्ष 2009 से हो रहा है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुदान देने का निर्देश बहुत पहले ही जारी किया जा चुका है. चिकित्सकों के अनुसार ज्यादातर मरीजों को इसकी जानकारी नहीं है या जानकारी है भी, तो प्रत्यारोपण कराने से डरते हैं. इसी वजह से अब अस्पताल में होर्डिंग के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है. चिकित्सकों के अनुसार बदले हुए जोड़ की लाइफ 25 साल से अधिक हो सकती है.

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Sanjay Kumar Sing

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