बिहार के कारखानों में अब मजदूरों के वेतन से नहीं चलेगी मनमानी, रात में रोका तो मालिकों की खैर नहीं

राज्यभर के कारखानों में काम करने वाले मजदूरों को मिलने वाले वेतन और सुविधा को लेकर सरकार ने अप्रैल से सभी कारखाना मालिकों से ब्योरा मांगा है. इसमें यह कहा गया है कि मजदूरों का पूरा डिटेल हर तीन माह पर ऑनलाइन श्रम विभाग को भेजा जाये, ताकि मजदूरों की संख्या, उनको मिल रहे वेतन व सुविधाओं पर विभाग की नजर बनी रहे, ऐसा नहीं करने वालों कारखानों पर कार्रवाई की जायेगी.
राज्यभर के कारखानों में काम करने वाले मजदूरों को मिलने वाले वेतन और सुविधा को लेकर सरकार ने अप्रैल से सभी कारखाना मालिकों से ब्योरा मांगा है. इसमें यह कहा गया है कि मजदूरों का पूरा डिटेल हर तीन माह पर ऑनलाइन श्रम विभाग को भेजा जाये, ताकि मजदूरों की संख्या, उनको मिल रहे वेतन व सुविधाओं पर विभाग की नजर बनी रहे, ऐसा नहीं करने वालों कारखानों पर कार्रवाई की जायेगी.
कारखाना में काम करने वाले मजदूरों को आपदा की जानकारी देनी होगी. कारखाना में काम करने के दौरान कोई दुर्घटना नहीं हो और अगर कभी हो, तो उसके लिए वह क्या करें. वहीं, सभी मजदूरों का साल में दो बार मेडिकल जांच कराना भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि मजदूर काम करने के दौरान स्वस्थ रहें.
कारखाना बंद होने के बाद मजदूरों को कारखानों में रहने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गयी है. कारखाना मालिक को मजदूरों को वहां रखना होगा, तो उनके लिए बाहर कहीं और व्यवस्था करनी पड़ेगी. इसके लिए विभाग ने एक गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कारखानों में रखने के बाद कारखाना मालिकों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
Posted By :Thakur Shaktilochan
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By Prabhat Khabar News Desk
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