विधानसभा मॉनसून सत्र: CM सम्राट बोले- गरीबों पर टैक्स लगाने की बात निराधार, सदन में RJD MLC को मिला जवाब

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सीएम सम्राट चौधरी, आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह के सवाल का जवाब देते हुए

सीएम सम्राट चौधरी, आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह के सवाल का जवाब देते हुए

Bihar Village Tax: बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र चल रहा है. मंगलवार को सदन में कई मुद्दों से जुड़े सवाल किए गए. इस दौरान बिहार विधान परिषद में गांवों में टैक्स का मुद्दा आरजेडी एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने उठाया, जिसका सीएम सम्राट चौधरी ने दो टूक जवाब दिया.

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Bihar Village Tax: बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र जारी है. आज दूसरे दिन भी विपक्ष के हंगामे के साथ सत्र की शुरुआत हुई. विपक्ष ने कई मुद्दे सदन में उठाए. इसी क्रम में बिहार विधान परिषद में गांवों में लगने वाले होल्टिंग टैक्स का मुद्दा गरमाया. आरजेडी एमएलसी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने टैक्स का मुद्दा उठाया. इसका जवाब सीएम सम्राट चौधरी ने दिया और गरीबों पर टैक्स लगाने की बात को निराधार बताया.

आरजेडी एमएलसी ने क्या कहा?

सदन में आरजेडी एमएलसी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने गांवों में लगने वाले होल्डिंग टैक्स को जनविरोधी बताया. साथ ही कहा, राज्य की लगभग 76 प्रतिशत जनता गांवों में रहती है. गांवों में परिवारों की औसत आय लगभग 76 हजार रुपये से भी कम है. ऐसे में 5 हजार रुपये तक होल्डिंग टैक्स लगाना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं.

उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत कर, दर और शुल्क नियमावली-2026 काला कानून है. आज भी गांव में बसने वाले करोड़ों लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर निर्भर हैं. ऐसे में पंचायत स्तर पर टैक्स वसूली करने का निर्णय पूरी तरह जनविरोधी है. बिहार सरकार का यह निर्णय अंग्रेजों के समय का दमनकारी निर्णय जैसा दिखता है. इस मामले में आरजेडी एमएलसी ने विचार करने का आग्रह किया.

सीएम सम्राट चौधरी ने क्या दिया जवाब?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका जवाब देते हुए कहा, जिस तरह बताया गया है कि गरीबों पर टैक्स लगाया जाएगा, तो बता दें कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. आगे उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों में जो होर्डिंग लगाए जायेंगे, उस पर चर्चा चल रही है. बिहार में पहले से यह व्यवस्था है कि कचरा प्रबंधन और नल-जल के लिए 30-30 रुपये लिए जायेंगे. यह चर्चा की गई है. सरकार ने जो नियम बनाया है, उसमें बदलाव किए जायेंगे. लेकिन जो पूरी तरह गरीबों पर टैक्स लगाने की बात है, यह पूरी तरह निराधार है.

सरकार ने दी थी मंजूरी

बिहार के ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया था. इसके लिए ग्राम पंचायत कर, दर और शुल्क नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई थी. ऐसे में अब गांवों में भी होल्डिंग टैक्स चुकाने पड़ेंगे. इस नियम के लागू होते ही जमीन, सिनेमाघर, उद्योग, हाट, होर्डिंग समेत अन्य क्षेत्रों में कर लगाया जा सकता है.

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प्रीति दयाल

लेखक के बारे में

By प्रीति दयाल

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं.

प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा.

पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.

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प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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