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बिहार में प्रसूता की मृत्यु की 104 कॉल सेंटर पर दें जानकारी,1200 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगी सरकार

Updated at : 06 Mar 2021 7:06 AM (IST)
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बिहार में प्रसूता की मृत्यु की 104 कॉल सेंटर पर दें जानकारी,1200 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगी सरकार

बिहार सरकार ने इन दिनों सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम(सुमन) के अंतर्गत एक नइ पहल की शुरुआत किया है. अब प्रसूता की मृत्यु की जानकारी देने पर सरकार ने 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है. सरकार मातृत्व मृत्यु दर को कम करने के लिए सारा प्रयास कर रही है.

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बिहार सरकार ने इन दिनों सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम(सुमन) के अंतर्गत एक नइ पहल की शुरुआत किया है. अब प्रसूता की मृत्यु की जानकारी देने पर सरकार ने 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है. सरकार मातृत्व मृत्यु दर को कम करने के लिए सारा प्रयास कर रही है.

अब बिहार में सामुदायिक स्तर पर ‘मातृ-मृत्यु’ यानि गर्भावस्था या डिलीवरी के 42 दिनों के अंदर महिला की मृत्यु होने की सबसे पहले जानकारी देने वालों को सरकार प्रोत्साहन राशि देगी. यह राशि सूचना के सत्यापन होने के बाद मिलेगी. इस राशि को उस व्यक्ति के बैंक खाते में भेज दिया जायेगा.

प्रथम सूचना देने वालों में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम के साथ ही आम लोग भी हो सकते हैं. वहीं अगर किसी आशा कार्यकर्ता ने यह सूचना दी हो और सूचना पहुंचाने के साथ ही अगर उसने इसकी रिपोर्टिंग भी की हो तो सरकार उसे 200 रुपये अधिक यानि 1200 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगी.

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‘मातृ-मृत्यु’ की पहली सूचना 104 कॉल सेंटर पर फोन करके देनी होगी. इस कदम से सरकार को ‘मातृ-मृत्यु दर’ कम करने में सहायता मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने सूबे के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को पत्र जारी किया है. हर महीने इसपर समीक्षा बैठक भी आयोजित की जायेगी.

बता दें कि सूबे में सरकार सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल-2030 के लक्ष्य को पूरा करने में जुटी है. जिसके तहत एक हजार जीवित जन्में बच्चों पर बाल मृत्यु दर को 25 से कम, मातृ-मृत्यु दर को एक लाख जीवित जन्मे बच्चों के अनुपात में 70 से कम और नवजात शिशु मृत्यु दर को 12 से कम किये जाने का प्रयास किया जायेगा.

गौरलतब है कि एसएसआर स्टैटिस्टिकल रिपोर्ट-2016 के अनुसार, बिहार में लगभग 4,780 मातृ-मृत्यु होते हैं लेकिन जिलों के द्वारा केवल 2 हजार मृत्यु की ही रिपोर्ट की जा सकी. ऐसे में इसकी रिपोर्टिंग का रेट 50 फीसदी से भी कम है.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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