बिहार के 12 लाख गरीबों का इंतजार खत्म, जल्द मिलेगा पक्के मकान के लिए पैसा

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 16 Feb 2026 5:15 PM

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ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार

Bihar Government: बिहार में करीब 12 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर देने की योजना पर फिर चर्चा तेज हो गई है. विधानसभा में उठे सवाल के बाद सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर परिवार को आवास मिलेगा.

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Bihar Government: बिहार में लाखों गरीब परिवार अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे हैं. विधानसभा में इस मुद्दे पर सवाल उठने के बाद सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी पात्र परिवार को आवास से वंचित नहीं रखा जाएगा. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक सौरभ कुमार ने सदन में कहा कि चुनाव से पहले 12 लाख घर देने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक करीब 2.80 लाख मकान ही बन पाए हैं. बाकी नौ लाख से ज्यादा घरों का काम अधूरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों ने पहली किस्त मिलने के बाद अपने पुराने घर तोड़ दिए, लेकिन अगली किस्त नहीं मिलने से वे परेशानी में हैं.

मंत्री ने क्या जवाब दिया

सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि योजना में थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन सरकार पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से 91 करोड़ रुपये मिल चुके हैं और 31 मार्च से पहले अतिरिक्त फंड मिलने की उम्मीद है.

मंत्री ने साफ किया कि यह कहना गलत है कि केंद्र पैसा नहीं दे रहा. योजना के तहत एक नया मॉडल तैयार करने में समय लगा. इसी वजह से प्रक्रिया धीमी हुई. फिलहाल अंतरिम राशि मिल चुकी है और बाकी रकम के लिए भी मांग की गई है.

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जल्द जारी होगी राशि

मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इस योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है. कुछ प्रोसीजर दिक्कतों के कारण देरी हुई, लेकिन अब काम तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है. सरकार का कहना है कि जल्द ही बचे हुए घरों के लिए भी राशि जारी होगी.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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