बिहार में नए डीजीपी आरएस भट्टी के पास प्रॉपर्टी के नाम पर न मकान न हथियार, कार भी कर्ज लेकर खरीदी

राजविंदर सिंह भट्टी मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं. गृह जिला चंडीगढ़ है. 27 सितंबर 1965 को जन्म हुआ. अमृता भट्टी से शादी हुई है. प्रॉपर्टी के नाम पर उनके पास खेती की जमीन और कुछ बैंक बैलेंस-निवेश ही है.
पटना. बेदाग एवं कड़क छवि वाले बिहार के नये डीजीपी के लिए दागदार आइपीएस पर कार्रवाई, शराबबंदी का पालन कराना आसान नहीं होगा. राजविंदर सिंह भट्टी को बिहार में बेहतर कानून व्यवस्था की स्थिति बनाने के प्रयासों का श्रेय दिया जाता है. बतौर डीजीपी उनके आगे कई चुनौतियां हैं.
आरएस भट्टी की नियुक्ति राज्य में जहरीली शराब त्रासदी के बीच हुई है, जिसमें अब तक 70 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. शराबबंदी कानून को पूरी तरह से धरातल पर लागू कराने, कानून व्यवस्था, सिपाही से लेकर आइपीएस पर कार्रवाई के लंबित मामलों का निष्पादन. रोजगार और बहाली को लेकर युवा सड़कों पर है. लगातार महागठबंधन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. यह सभी मामले उनके लिए चुनौती साबित हो सकते हैं.
राजविंदर सिंह भट्टी मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं. गृह जिला चंडीगढ़ है. 27 सितंबर 1965 को जन्म हुआ. अमृता भट्टी से शादी हुई है. प्रॉपर्टी के नाम पर उनके पास खेती की जमीन और कुछ बैंक बैलेंस-निवेश ही है. लाइसेंसी हथियार और आभूषण तक नहीं हैं. अंतिम बार जब उन्होंने अपनी संपत्ति की घोषणा की थी उसके अनुसार उनका चंडीगढ़ के गांव मनीमाजरा में फार्म हाउस है. एक करोड़ 80 लाख कीमत वाली कृषि भूमि में वह आधा भाग के हिस्सेदार हैं. अमृतसर में करीब 89 लाख मूल्य की खेती की जमीन है. इसमें भी 50 फीसदी का शेयर है. बैंक आदि कंपनियों में 67 लाख के करीब निवेश – डिपॉजिट है. मात्र 45 हजार कैश है. 15 लाख की कार है , लेकिन इसके लिए 10 लाख का लोन लिया है.
भट्टी का बिहार में लंबा कार्यकाल रहा है. पटना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में सेवा देने के अलावा, उन्होंने सहायक पुलिस अधीक्षक (बाढ़), सिटी एसपी (पटना), जहानाबाद, गोपालगंज, पूर्णिया में एसपी, महानिरीक्षक (आइजी) (पटना जोन) के रूप में भी काम किया है. आइजी (सुरक्षा) और महानिदेशक बिहार सशस्त्र पुलिस बल (बीएसएपी) की जिम्मेदारी निभायी है.
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बात उस वक्त की है, जब केजे राव चुनाव आयुक्त थे. उस समय बिहार में विधानसभा चुनाव हो रहा था. सीवान में स्थिति सामान्य नहीं थी. तब केजे राव ने आरएस भट्टी को सीबीआइ से वापस बुलाकर सीवान की जिम्मेवारी सौंप दी. उस समय शहाबुद्दीन दिल्ली में थे. उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आरएस भट्टी कुछ अफसरों के साथ दिल्ली गये. वहां एक महिला सब इंस्पेक्टर को शहाबुद्दीन के फ्लैट में बिजली चोरी की जांच के नाम पर अंदर भेजा गया. महिला सब इंस्पेक्टर ने जब यह कन्फर्म कर दिया कि शहाबुद्दीन अंदर ही हैं, तब भट्टी पुलिस अफसरों के साथ फ्लैट में घुसे और शहाबुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया. इसी तरह विधानसभा सत्र के दौरान आरएस भट्टी ने एक अन्य बाहुबली विधायक को गिरफ्तार कर लिया था.
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