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टॉपर घोटाला 2016 : लालकेश्वर पर इडी ने किया केस

Updated at : 03 Jun 2017 7:27 AM (IST)
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टॉपर घोटाला 2016 : लालकेश्वर पर इडी ने किया केस

मनी लॉन्ड्रिंग में आठ पर कार्रवाई नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने वर्ष 2016 में हुए बिहार टॉपर्स घोटाले में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए धनशोधन का एक मामला दर्ज किया है. एजेंसी ने बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद िसंह व चार प्रधानाचार्यों समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ एक आपराधिक […]

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मनी लॉन्ड्रिंग में आठ पर कार्रवाई
नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने वर्ष 2016 में हुए बिहार टॉपर्स घोटाले में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए धनशोधन का एक मामला दर्ज किया है. एजेंसी ने बिहार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद िसंह व चार प्रधानाचार्यों समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ एक आपराधिक केस दर्ज किया है.
केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए बिहार पुलिस की प्राथमिकी और विशेष जांच दल की रिपोर्ट का संज्ञान लिया. प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट पुलिस प्राथमिकी के समान होती है.
उन्होंने कहा कि एजेंसी आरोपितों द्वारा किये गये अपराध से जुड़ी संभावित राशि और उनके द्वारा कमाये गये कथित अवैध धन की जांच करेगी. इस घोटाले ने पिछले साल जून में उस समय हंगामा मचा दिया था, जब आर्ट्स वर्ग में प्रथम आनेवाली वैशाली जिले के िवशुन राय कॉलेज की छात्रा रूबी राय बुनियादी सवालों का भी उत्तर नहीं दे पायी थी. इन अनियमितताओं से शर्मिंदा राज्य सरकार ने इस मामले की एसआइटी जांच के आदेश दिये थे. इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसकी संभावना है कि इडी आरोपियों के बयान जल्द ही दर्ज करेगा और पीएमएलए कानून के तहत उनकी संपत्तियां कुर्क की जायेंगी.
बच्चा राय का मामला इडी को हुआ ट्रांसफर
पटना : टॉपर घोटाले के मुख्य अभियुक्तों में एक बच्चा राय की आय से अधिक संपत्ति की जांच इडी को सौंप दी गयी है. इस मामले में इओयू (आर्थिक अपराध इकाई) ने इडी को प्रस्ताव भेज दिया है. जांच के दौरान यह बात सामने आयी कि बच्चा राय और उसकी बेटी के नाम से दो करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जिसे उसने अवैध तरीके से जमा किया है. इस वजह से उसके खिलाफ पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट) के अंतर्गत कार्रवाई करने के लिए यह मामला इडी को ट्रांसफर किया गया है. बच्चा राय पर दो करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति का मामला पीएमएलए के तहत बनता है. इस वजह से यह मामला इओयू ने इडी को ट्रांसफर किया है.
गौरतलब है कि इससे पहले राज्य सरकार ने आय से अधिक मामले में इस घोटाले के तीन मुख्य अभियुक्त बच्चा राय, बिहार बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष प्रो लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी प्रो उषा सिन्हा के खिलाफ जांच का जिम्मा इओयू को सौंपा था. इसके बाद इओयू ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है.
बच्चा का मामला इडी को सौंपने के बाद दो अन्य मामलों की जांच इओयू ही कर रहा है. इसके अलावा इस घोटाले में शामिल दो-तीन अन्य आरोपितों की संपत्ति की जांच का जिम्मा इओयू को मिलने जा रहा है.
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