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बाजार पर चढ़ा होली का रंग : 303.75 करोड़ की होगी हमारी होली

Updated at : 04 Mar 2015 7:04 AM (IST)
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बाजार पर चढ़ा होली का रंग : 303.75 करोड़ की होगी हमारी होली

पटना: होली का बाजार बढ़ रहा है. नये कपड़ों में रंग-गुलाल खेलने की परंपरा जेब पर भी बोझ बढ़ा रही है. हालांकि होली की मस्ती ने जेब की चिंता जैसे खत्म कर दी है. सरकारी कर्मचारियों से लेकर छोटे-मोटे व्यवसाय करनेवाले होली की खरीदारी से नहीं चूक रहे हैं. होली बाजार बता रहा है कि […]

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पटना: होली का बाजार बढ़ रहा है. नये कपड़ों में रंग-गुलाल खेलने की परंपरा जेब पर भी बोझ बढ़ा रही है. हालांकि होली की मस्ती ने जेब की चिंता जैसे खत्म कर दी है. सरकारी कर्मचारियों से लेकर छोटे-मोटे व्यवसाय करनेवाले होली की खरीदारी से नहीं चूक रहे हैं. होली बाजार बता रहा है कि ग्राहक कम नहीं हुए. व्यापारियों की नजरें ग्राहकों पर गड़ी हुई है. बिहार के होली बाजार से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष होली बाजार से 303.75 करोड़ या इससे अधिक आने की उम्मीद की जा रही है.
कपड़े पर खर्च होंगे 200 करोड़
होली में नये कपड़े पहनने की परंपरा व्यापारियों का उत्साह बढ़ा रही है. होली पर सबसे ज्यादा बिक्री कुरता-पायजामा व साड़ियों के अलावा बच्चों के कपड़ों पर होती है. 10.5 करोड़ से अधिक की आबादीवाले बिहार में तकरीबन 2.5 करोड़ परिवार होली पर लगभग 200 करोड़ रुपये की खरीदारी करेंगे.
कपड़े की कीमतों में वृद्वि है. महंगाई के बावजूद इस पर ज्यादा असर नहीं है. इस वर्ष होली बाजार ठीक है.
सुनील जैन, कपड़ा कारोबारी
उड़ेंगे 75 करोड़ के रंग-गुलाल
होली पर हर घर में रंग-गुलाल की खरीदारी जरूरी है. राज्य भर में रंग व पिचकारी पर कुल खर्च 75 करोड़ रुपये होती है. कारोबार से जुड़े लोग बताते हैं कि अब रंगों की बिक्री में कमी आ गयी है. अब अबीर होली लोगों के लिए पसंदीदा होता जा रहा है.

होली तो रंग-गुलाल का ही त्योहार है. पिचकारी और रंगों पर लोग खर्च करते हैं.
विवेक, थोक विक्रेता
खायेंगे 15 करोड़ के ड्राइफ्रूट्स
होली के दिन ड्राइफ्रूट्स की भी खासी डिमांड है. अतिथियों के स्वागत से लेकर घर में बननेवाले पकवान में ड्राइफ्रूट्स की जरूरत पड़ती है. सूखा नारियल, काजू, किशमिश, छुहारा की बिक्री खूब होती है. व्यापारी होली पर 15 करोड़ के व्यवसाय का अनुमान बताते हैं.
केवल पटना में 50 लाख के आस पास ड्राइफ्रूट्स की बिक्री का अनुमान है. वैसे कई खुदरा विक्रेता भी सीधे माल मंगाते हैं. इस कारण कारोबार बढ़ रहा है.
मो इकबाल, थोक कारोबारी
14.25 करोड़ के मांस की होगी बिक्री
होली पर मांसाहारी खाना खानेवाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा है. अनुमान है कि होली पर पूरे बिहार में 35,000 खस्सी काटे जायेंगे. 2500 रुपये औसत मूल्य के मुताबिक इसकी कीमत 8.75 करोड़ रुपये होती है. इसके अलावा राज्य के लगभग 11,000 मुरगों की दुकानों पर पांच हजार रुपये का औसत व्यवसाय होगा. यानी लगभग 5.50 करोड़ मुरगा की टांग तोड़ने पर खर्च होने की उम्मीद है.
होली हमारे लिए वर्ष के सबसे अधिक व्यस्त दिनों में शुमार है. हमने स्टॉक कर लिया है. अब होली का इंतजार है.
मो परवेज, मीट व्यवसायी
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