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नये नियमों से काम करेंगे होमगार्ड के जवान, सर्विस और ड्यूटी को लेकर 18 स्थायी आदेश जारी हुए

By Pritish Sahay
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पटना : होमगार्ड के जवानों को ड्यूटी कब दी जायेगी,उनसे क्या- क्या काम लिया जायेगा, रिटायरमेंट की तिथि का निर्धारण कैसे होगा? इसको लेकर अब अधिकारी मनमर्जी नहीं कर सकेंगे. होमगार्ड की सर्विस और ड्यूटी को नियंत्रण एवं निर्देशित करने के लिए मैन्युअल तैयार कर लिया गया है. यह दो पुस्तकों के रूप में होगा. इसमें करीब 18 स्थायी आदेश हैं. मंगलवार को इन दोनों पुस्तकों का विमोचन कर सभी जिलों को उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली गयी है.

बिहार में होमगार्ड की वर्तमान संख्या करीब 54 हजार है. इनमें 42 हजार को रेगुलर ड्यूटी दी जा रही है. इन रेगुलर जवानों के वेलफेयर, ड्यूटी, नियुक्ति और रिटायरमेंट को लेकर स्पष्ट दिशा- निर्देश नहीं बने थे. जिला कमांडेंट और उसके नीचे के अधिकारी पुराने नियम और मर्जी से काम ले रहे थे.

डीजी होमगार्ड आरके मिश्र ने बीते दिनों एक माह तक सभी जिलों का दौरा किया था. इस दौरान पाया कि हर जगह अलग- अलग तरीके से काम लिया जा रहा है. एक जैसे मामलों में निर्णय भी अलग- अलग थे. शिकायतें भी खूब मिलीं. राज्य के दौरा के बाद डीजी ने एक उच्चस्तरीय कमेटी के साथ मंथन कर 18 स्थायी आदेश जारी किये. अब यही होमगार्ड के लिए मैन्युअल है. इसे किताब का रूप दे दिया गया है. पहला अंक तैयार हो है. डीजी होमगार्ड इसका विमोचन करेंगे.

आज जारी हो सकता है नया मैन्युअल

मैन्युअल में एक-एक बात का पूरा ध्यान रखा गया है. यहां तक आदेश हैं कि जब तक जिला में होमगार्ड का वेतन जारी नहीं होगा, कमांडेंट अपना वेतन नहीं निकाल सकेंगे. जवान की समस्याओं पर 15 दिनों के अंदर निर्णय लेना होगा. साप्ताहिक और मासिक बैठकों तक के लिए नीति निर्धारण कर दिया गया है.

होमगार्ड के काम और उनकी समस्याओं आदि को लेकर एक - एक स्पष्ट आदेश है. नये हस्तक से बल के कार्यकलाप में स्थायी व्यवस्था आयेगी. साप्ताहिक , मासिक बैठक , वेतन आदि को लेकर भी नीति निर्धारण है.

आरके मिश्रा, डीजी होमगार्ड

पुराना रिकॉर्ड सील, नया मैन्युअल तैयार होने के साथ ही राज्य के सभी जिलों से होमगार्ड

से जुड़े दस्तावेज को सील कर बिहटा स्थित शस्त्रागार में रखवा दिया गया है. हर संदूक पर कमांडेंट और डीआइजी के दो ताले लगे हैं. अब कोई निर्णय नये हस्तक से ही होगा. जवानों की सेवा का डाटा भी नये हस्तक में समाहित किया गया है. सभी जिला कमांडेंट से इस संबंध में सर्टिफिकेट भी लिया गया है.

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