‘बिहार पर बना हुआ है मोदी का आशीर्वाद’, पढ़ें... जेपी नड्डा के भाषण की दस बड़ी बातें

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : बिहार में चुनावी साल को लेकर सरगर्मी तेज हो गयी है. इसी कड़ी में शनिवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बिहार के पहले दौरे पर पहुंचे. इस दौरान जेपी नड्डा ने पटना में पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इसके बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार से भी मिलने पहुंचे. जेपी नड्डा ने पटना पहुंचने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बीजेपी के 11 जिलों में बने नये कार्यालय भवन का उद्घाटन भी किया. साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को लोगों के बीच मोदी सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने के निर्देश भी दिये. खास बात ये रही कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को ‘भाजपा विकास का पर्याय है’ का संदेश दिया.

जेपी नड्डा ने की सीएम नीतीश की तारीफ
नड्डा ने भाजपा सरकार को देश और राज्य में ‘विकास’ का पर्याय बताया. साथ ही ऐलान किया कि केंद्र सरकार से मिले अरबों रुपये का बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया है. अनुच्छेद-370 पर केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए नड्डा ने इसे कश्मीर के लोगों के लिये खुशहाली लाने का रास्ता बताया. जेपी नड्डा ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि राजनीति गंभीर पूर्णकालिक कार्य है. इसमें व्यक्तिगत फायदा-नुकसान की सोचना गलत है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी आगे बढ़ाने की नसीहत दी. साथ ही कहा कि पार्टी आगे बढ़ेगी तभी सभी तक लाभ पहुंचेगा. यहां पढ़िये जेपी नड्डा की पटना बैठक में कही गयी दस बड़ी बातें.
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड़्डा के भाषण की दस बड़ी बातें
1. भाजपा की सरकार देश-राज्य में विकास की पर्याय है.
2. केंद्र सरकार की आर्थिक मदद का सीएम नीतीश कुमार ने प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया.
3. अनुच्छेद-370 और तीन तलाक से जुड़ी ‘भ्रांतियों' को दूर करना जरुरी है.
4. अनुच्छेद-370 पर निर्णायक कदम से जम्मू कश्मीर के लोगों के जीवन में खुशी आयी है.
5. नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की पूर्ण बहुमत की सरकार में इच्छाशक्ति की कमी थी.
6. पीएम नरेंद्र मोदी सबसे अलग हैं और उन्होंने बहुमत मिलने पर अपना वादा पूरा कर दिया.
7. उमर अब्दुल्ला और दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद जैसे नेता गैर कश्मीरी से शादी करने वाली महिला को पैतृक संपत्ति में हिस्से से वंचित करने के लिए कानून ला रहे थे. जिसे मोदी सरकार ने सफल नहीं होने दिया.
8. राजनीति गंभीर पूर्णकालिक कार्य है जहां प्रवेश की गुंजाइश है लेकिन निकास नहीं है.
9.कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत नफा-नुकसान की चिंता में नहीं बहना चाहिये.
10. याद रखिये यदि पार्टी आगे बढ़ेगी तो लाभ सभी तक पहुंचेंगे.
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