अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन में कानून मंत्री बोले, आतंकियों और भ्रष्ट लोगों को निजता का कोई अधिकार नहीं

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट में 'न्यायपालिका और बदलती दुनिया' विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन-2020 में हाल की राजनीतिक घटनाओं और निजता के अधिकार के नाम पर कथित देशविरोधी कार्यों पर कहा कि आतंकवादियों और भ्रष्ट लोगों को 'निजता का कोई अधिकार नहीं' है. ऐसे लोगों को व्यवस्था का दुरुपयोग नहीं करने देना चाहिए. शासन की जिम्मेदारी निर्वाचित प्रतिनिधियों और निर्णय सुनाने का काम न्यायाधीशों पर पर छोड़ देना चाहिए.

कानून मंत्री ने कहा कि वह सोशल मीडिया के समर्थक हैं, लेकिन जब इसका दुरुपयोग निजी फायदे के लिए किया जाता है, तब उन्हें तकलीफ होती है. साथ ही कानून मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर शीर्ष अदालत के फैसले की आलोचना किये जाने का बढ़ता रिवाज खतरनाक है. उन्होंने कहा कि जजों को फैसला लेने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''मैं सोशल मीडिया का समर्थक हूं, फैसला मनमाफिक नहीं आने पर इस पर अभियान चलाना दुर्भाग्यपूर्ण है. फैसलों की आलोचना करते हुए कुछ बातों का ख्याल जरूरी है.'' उन्होंने कहा कि सरकार चलाने की जिम्मेदारी सरकार पर ही छोड़ देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और कर्तव्यों में संतुलन जरूरी है. सवाल पूछे जाने का हक होना चाहिए, लेकिन इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए कि भारत की पहचान सुरक्षित रहे.

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