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दुष्प्रचार कर अल्पसंख्यकों को बरगला रही हैं विपक्षी पार्टियां : सुशील मोदी

Updated at : 22 Dec 2019 6:08 PM (IST)
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दुष्प्रचार कर अल्पसंख्यकों को बरगला रही हैं विपक्षी पार्टियां : सुशील मोदी

पटना : भाजपा प्रदेश परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष को बधाई दी और कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राजद, कांग्रेस व वामपंथी पार्टियां दुष्प्रचार कर राज्य व देश के अलपसंख्यकों के बीच भ्रम फैला रही है. यह कानून किसी धर्म […]

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पटना : भाजपा प्रदेश परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष को बधाई दी और कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राजद, कांग्रेस व वामपंथी पार्टियां दुष्प्रचार कर राज्य व देश के अलपसंख्यकों के बीच भ्रम फैला रही है. यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. भाजपा बड़े पैमाने पर जन संपर्क अभियान चला कर बुनी जा रही भ्रम जाल को तोड़ेगी. राजद के बंद के दौरान बिहार में बड़े पैमाने पर हिंसा व लूटपाट हुई.

सुशील मोदी ने कहा किबिहारकी राजधानी पटना में नेता प्रतिपक्ष के इशारे पर पत्रकारों के कैमरे तोड़े गये और उनपर हमले हुए. क्या राजद भागलपुर के कार्यकर्ताओं की तरह नेता प्रतिपक्ष पर भी कार्रवाई करेगा और पत्रकारों को इलाज के खर्चें व तोड़े गये कैमरों की क्षति की भरपाई करेगी?

डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि 2003 में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मनमोहन सिंह ने नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन किया था. संसद में मनमोहन सिंह ने बयान दिया था कि ‘बंटवारे के बाद बंग्लादेश में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा है. यह हमारा नैतिक दायित्व है कि दुर्भाग्यशाली नागरिकों को भारत में शरण लेना पड़ता है तो हमारा दृष्टिकोण इन्हें नागरिकता देने में और लिबरल होना चाहिए.’ अटल जी की सरकार के दौरान नागरिकता संशोधन के लिए बने रुल्स को 3 साल तक मनमोहन सरकार ने कायम रखा.

सीपीएम के महासचिव प्रकाश करात ने 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर कहा था कि बंग्लादेश के शरणार्थियों को नागरिकता मिलनी चाहिए क्योंकि उनमें अधिकांश मांझी और अनुसूचित जाति के हैं, तब वह ठीक था और आज जब नरेंद्र मोदी की सरकार ने हिंदुओं के साथ अन्य पांच अल्पसंख्यकों बौद्ध, सिख, ईसाई, जैन और पारसी समुदाय को इस कानून में शामिल कर लिया है तो यह भेदभाव और धार्मिक अन्याय कैसे हो गया?

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